राजकीय प्राथमिक पाठशाला जलबेहडा ने पंचायत के साथ मिलकर इस अनोखे काम
September 11th, 2019 | Post by :- | 112 Views

कुरुक्षेत्र, ( सुरेश पाल सिंहमार )    ।      ये जो बच्चे एक आलिशान डॉयनिंग हॉल में बैठकर भोजन करते आपको फोटो में दिखाई दे रहे हैं, किसी प्राइवेट नहीं बल्कि सरकारी स्कूल का नजारा है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला जलबेहडा ने पंचायत के साथ मिलकर इस अनोखे काम को किया है। बच्चे भी डॉयनिंग हॉल पाकर खुश हैं और पंचायत भी खुश है कि उनके गांव के सरकारी स्कूल में प्रदेश का सबसे अच्छा डॉयनिंग हॉल है। हुआ यूं कि स्कूल में ये जगह खाली पडी थी और प्राथमिक पाठशाला के हेड टीचर अजीत सिंह और हेड मिस्ट्रेस डॉ. प्रीतिका को यहां बच्चों के लिए ऐसे डॉयनिंग हॉल की जरूरत हो, जहां न केवल वे बैठकर आराम से खाना खा सकें और बल्कि स्वच्छता और अनाज के महत्व के सूत्र भी पकड सकें। इसके लिए स्टाफ, एसएमसी प्रधान कृष्ण कुमार और समाजसेवी ओमप्रकाश ने गांव की सरपंच संतोष कुमारी से बात की गई तो बच्चों की जरूरत को देखकर उन्होंने तुरंत ही इसके निर्माण की हामी भर ली। सरपंच के साथ मिलकर स्टाफ ने डॉयनिंग हॉल कैसा होगा और इसमें किस किस तरह की बातें बच्चे खाना खाता हुए सीखेंगे इसको अंतिम रूप दिया गया। करीब महीने भर की मेहनत के बाद जब बच्चों ने अपने डॉयनिंग हॉल को देखा को खुशी के मारे उनका ठिकाना नहीं रहा। बुधवार को इस डॉयनिंग हॉल का शुभारंभ भी हो गया हो गया है। ये डॉयनिंग हॉल इस बात का प्रमाण है कि अगर मन में इच्छा हो तो राहें भी मिल जाती हैं और मददगार भी। सरपंच ने करीब दो लाख रुपये की राशि से इस शानदार डॉयनिंग हॉल का निर्माण करवाया है।

बच्चों के लिए हम एक ऐसी जगह पर विचार कर रहे थे जहां वो खाना खाते हुए न केवल स्वच्छता का सबक सीखें बल्कि जीवन में काम आने वाली बातों को खाना खाते ही दीवारों पर पढकर ही सीख सकें। गांव की सरपंच को जब अपने ये विचार बताया तो उन्होंने एक मिनट भी हामी भरने में नहीं लगाई और नतीजा आप सबके सामने है। संभवत प्रदेश में सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए इससे सुंदर डॉयनिंग हॉल नहीं होगा। हम सरपंच के आभारी हैं कि उन्होंने इस नेक काम में सहयोग दिया।

हमारे गांव का सरकारी स्कूल एक तरह से आदर्श स्कूल है। वहां का स्टाफ बहुत मेहनती है और बच्चों के बारे में हमेशा सोचता रहता है और जब भी जरूरत हो निसंकोच हमसे सहयोग मांगते हैं और हमें भी खुशी होती है इस काम में उनका सहयोग करते हुए। वास्तव में डॉयनिंग हॉल बेहतरीन बना है और बच्चों को वहां बैठा देखकर पूरी पंचायत के दिल को सुकून मिला है। आगे भी जरूरत होगी, हम स्कूल स्टाफ का हर तरह से साथ देंगे।

 

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