नृत्य, चित्रकारी,कविताओं से किया गणपति का वंदन
August 23rd, 2020 | Post by :- | 85 Views

डॉ. विनोद शर्मा ने कविता में कहा – ‘शुभ कार्य का करो जब भी श्री गणेश, करो पूजन रिद्धि-सिद्धिपति विश्वेश…… ऐश्वर्य सौभाग्य दे दो गणनायक से गणपति वंदन किया।

चंडीगढ़(मनोज शर्मा) चंडीगढ़ विद्या धाम यूएसए एवं संवाद साहित्य मंच के संयुक्त तत्वाधान में आज एक अनूठा ऑनलाईन कवि सम्मेलन व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नृत्य गीत संगीत कविता व पेंटिंग सभी कलाओं की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के आरम्भ में नीरू मित्तल ने नृत्य के द्वारा गणेश वंदना की। साहित्य मंच के अध्यक्ष प्रेम विज ने बताया कि यह एक नया प्रयोग है और आगे भी इस पर काम जारी रहेगा। विद्या धाम की अध्यक्षा डॉक्टर सरिता मेहता ने सभी का स्वागत किया।

इस अवसर पर प्रेम विज ने अपनी कविता ‘शिव गौरा के दुलारे प्यारी मूरत वाले’ कविता प्रस्तुत की। सरिता मेहता ने अपनी कविता ‘आशा उम्मीद और उल्लास से आओ मनाएं गणपति चतुर्थी’ से सबको आनंदित कर दिया। अशोक भंडारी नादिर ने सस्वर गज़़ल ‘आओ आओ गणपति आओ आलौकिक माया बरसाओ’ को गा कर सब को मुदित कर दिया। प्रज्ञा शारदा ने सुंदर कविता ‘आओ गायें गणपति जगवंदन शंकर सुमन भवानी नन्दन’ प्रस्तुत की। डॉ. विनोद शर्मा ने कविता में कहा – ‘शुभ कार्य का करो जब भी श्री गणेश, करो पूजन रिद्धि-सिद्धिपति विश्वेश,यश कीर्ति पराक्रम दायक गणपति, बुद्धि विवेक धन-धान्य के अधिपति, ऐश्वर्य सौभाग्य दे दो गणनायक से गणपति वंदन किया। नीरू मित्तल ने अपनी कविता ‘पूजित प्रथम सिद्धि के दाता’ के द्वारा गणेश जी का आह्वान किया। इंद्र वर्षा ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ पर नृत्य करके सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में बी. के.गुप्ता, सुभाष भास्कर, के. के. शारदा, गोगी गिल, राशि श्रीवास्तव, नीलम त्रिखा ने अपनी कविताओं से समां बांध दिया।

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