वार्ड 24 में डेंगू मुक्त वार्ड अभियान चलाया गया
August 23rd, 2020 | Post by :- | 165 Views
बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)
बहादुरगढ़। वार्ड 24 में डेंगू बीमारी की रोकथाम के लिए वार्ड के सभी समाजिक लोगों के सहयोग से दवाई का छिड़काव घर-घर जाकर किया गया। यशपाल हिंदुस्तानी व समाजसेवी प्रदीप गुप्ता ने इस मुहिम के माध्यम से लोगो को बताया कि डेंगू मच्‍छर वर्षा ऋतु के दौरान बहुतायत से पाये जाते हैं। यह मच्‍छर प्रायः घरों स्‍कूलों और अन्‍य जगहों पर तथा इनके आस-पास एकत्रित खुले एवं साफ पानी में अण्‍डे देते हैं। इनके शरीर पर सफेद और काली पट्टी होती है इसलिए इनको टाइग्‍र (चीता मच्‍छर) भी कहते हैं। यह मच्‍छर निडर होता है और ज्‍यादातर दिन के समय ही काटता है। डेंगू एक विषाणु से होने वाली बीमारी है जो एडीज एजिप्‍टी नामक संक्रमित मादा मच्‍छर के काटने से फेलती है। डेंगू एक तरह का वायरल बुखार है। डेंगू को रोका भी जा सकता है और इसका इलाज भी किया जा सकता है, इसलिए लोगों को घबराना नहीं चाहिए क्योंकि केवल 1 प्रतिशत मामलों में यह जानलेवा साबित होता है
समाजसेवी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि डेंगू मुक्त वार्ड अभियान वार्ड 24 में पिछले एक माह से चल रहा है  सभी लोग डेंगू बुखार समबन्धित बचाव में अपनी अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभा रहे हैंं डेंगू में बुखार के साथ हाथ-पैर में दर्द रहता है। इंसान को भूख कम लगने लगती है। जी मचलाना और उल्टी करने की टेंडेंसी भी हो सकती है। डेंगू का बुखार बहुत तेज होता है और ठंड के साथ बुखार आता है। डेंगू के बुखार का एक खास लक्षण होता है सिर में और आंखों में तेज दर्द। कभी आंख और नाक से खून आने के लक्षण भी दिख सकते हैं। स्किन में लाल धब्बे पड़ना भी कभी-कभी देखा गया है। डेंगू की सबसे अहम पहचान होती है कि मरीज को बुखार के साथ कमजोरी लगने लगती है क्योंकि उसके प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। वहीं, चिकनगुनिया के लक्षण भी डेंगू से मिलते जुलते हैं लेकिन इसमें प्लेटलेट्स काउंट कम नहीं होते हैं इसलिए मरीज को डेंगू की तुलना में कमजोरी कम लगती है। तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द चिकनगुनिया का सामान्य लक्षण होता है। जब भी बुखार आता है तो तेज सरदर्द और चक्कर आने जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। चिकनगुनिया में शरीर में जकड़न की समस्या भी रहती है। चिकनगुनिया का जो सबसे अहम लक्षण माना जाता है शरीर  में चकत्ते या दाने पड़ना होता है जिनका रंग हल्का लाल रंग का होता है।मलेरिया होने पर रोगी को सर्दी लगने लगती है और शरीर कांपने लगता है। इसके अन्य लक्षणों में सर्दी के साथ प्यास लगना, उल्टी होना, हाथ पैरों में ठंड लगना और बेचैनी होना आदि है। इस बीमारी में कब्ज़, घबराहट और बेचैनी आदि होने लगती है। दवा छिड़काव अभियान में  आशीष पवार, रिंकू शर्मा. प्रिंस सिंह, अजय स्वामी, प्रदीप कुमार, कुलदीप वत्स,दिलीप कुमार, वेंदाँत सहगल कपिल हिंदुस्तानी, विजय स्वामी, कृष्ण मालवाल आदि ने सहयोग किया।
फोटो कैप्शन :- सामाजिक  कार्यकर्ता घर घर जाकर दवा छिड़काव करते हुए।

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