प्रथम पूज्य को रचाई गयी मेहंदी धूमधाम से मनाया जाएगा गणेश चतुर्थी पर्व
August 22nd, 2020 | Post by :- | 113 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । गणेश चतुर्थी का पर्व हर वर्ष की भांति इस बार शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व प्रथम पूज्य भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हर साल धूमधाम से मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार कोरोना काल के चलते सादगी के साथ घरों में ही मनाया जाएगा। शनिवार को गणपति बप्पा की घर-घर पूजा होगी। चतुर्थी के एक दिन पहले राजधानी के बड़े गणेश मंदिरों में सिंजारा महोत्सव मनाया गया। सिंजारा उत्सव के दर्शन भक्तों को ऑनलाइन या सोशल मीडिया के माध्यम से भी करवाए गए।
रामगढ़ मोड़ के पास पुरानी चुंगी बन्ध की घाटी के पास स्थित आत्माराम ब्रह्मचारी बंगाली बाबा वाले गणेशजी मंदिर में सिंजारा महोत्सव मनाया गया। सुबह प. जगदीश जी महाराज के सान्निध्य में प्रथम पूज्य का अभिषेक कर गणेश जी महाराज को नवीन पोशाक धारण करवा कर विराजमान करवाया गया। पुजारी जी महाराज ने बताया कि सिंजारा महोत्सव के उपलक्ष्य में गणेशजी को मेहंदी अर्पित की गई और मोदकों की झांकी सजाई गई। यह कार्यक्रम रघुवीर शरण, नारायण लाल, जगदीश प्रसाद, संजय जी, गजेंद्र जी,विष्णु कुमार जी व सुभाष जी के सहयोग से करवाया गया।
ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेशजी मंदिर में गणपति का सिंजारा मनाया गया।
सूरजपोल स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में गणेश जी को सिंजारा पर्व पर बहुमूल्य रत्नों का हार धारण करवाया गया।
*गणपति पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त:
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी शुक्रवार रात्रि 11.03 से ही लग जाएगी और अगले दिन शनिवार रात्रि 7 बज कर 57 मिनट तक रहेगी। गणपति का जन्म मध्याह्न में होने के कारण शास्त्रों में गणेश पूजन मध्याह्न में करना श्रेष्ठ माना गया है, जो 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर एक बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसमें भी दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 46 मिनट तक वृश्चिक लग्न में गणपति का पूजन करना सबसे श्रेष्ठ रहेगा। जो लोग चौघडिय़ा में गणेश पूजा करना चाहते हैं उनके लिए उनके लिए श्रेष्ठ चौघडि़या शुभ का सुबह 7.42 से 9.18 बजे तक, चर-लाभ व अमृत के दोपहर 12.30 से शाम 5.18 बजे तक तक रहेंगे। *इस दिन चंद्रदर्शन वर्जित माना गया है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।