200 करोड़ रूपए की लागत से बन रहा  शहीद स्मारक हरियाणा का पहला और बेहतरीन स्मारक:- गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।
August 20th, 2020 | Post by :- | 56 Views

अम्बाला ( sukhvinder singh ) दिल्ली मार्ग पर 22 एकड़ में 200 करोड़ रुपये की लागत से बहुत भव्य शहीदी स्मारक का काम तेजी से चल रहा है। ऐसा शहीदी स्मारक आस-पास कहीं भी नही है। हरियाणा में ऐसा भव्य शहीदी स्मारक अम्बाला में बनाया जा रहा है। इसमें अम्बाला से शुरू हुई आजादी की लड़ाई से लेकर रंगून में बहादुरशाह जफर की शहादत की जानकारी दर्शाई और दिखाई जाएगी। यह जानकारी हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने वीरवार को शहीदी स्मारक के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए दी। शहीदी स्मारक में देश के लिए शहादत देने वाले लोगों का इतिहास म्यूजियम और ओपन थिएटर में भी दिखाया और दर्शाया जाएगा, ताकि लोगों को राष्टï्रभक्तों की शहादत बारे जानकारी मिलती रहें।  
गृह मंत्री ने बताया कि आजादी की लड़ाई की पहली चिंगारी अम्बाला छावनी से फूटी थी। उसी के चलते शहीदी स्मारक का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां पर ओपन एयर थियेटर में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। लाईट एंड साउंड के माध्यम से 1857 की आजादी की लड़ाई का सामूहिक विवरण एवं अम्बाला से इसकी शुरूआत हुई थी, उसके समूचे विवरण के साथ-साथ रंगून तक का सारे इतिहास का चित्रण यहां पर प्रदर्शित किया जायेगा। झांसी की रानी, तांत्या टोपे आजादी की लड़ाई में हरियाणा के साथ-साथ देश के लोगों की क्या भूमिका रही है, उसका भी विवरण बताया और दिखाया जायेगा। लाईट एंड साउंड एवं म्यूजियम दोनों के माध्यम से इस सम्पूर्ण विवरण को दिखाया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि तेजी से चल रहे कार्यो में जहां कमी है उसे भी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। 
उन्होंने यह भी बताया कि यहां पर 13 मंजिला मैमोरियल टावर कमल के फूल के रूप में लगाया जायेगा ताकि यहां से गुजरने वाले लोग इसकी सुंदरता को देख सकें। उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे के नजदीक इस शहीदी स्मारक का निर्माण होने से यहां की भव्यता और बढ़ेगी तथा यहां से वाहनो के माध्यम से गुजरने वाले लोग निस्संदेह इसकी सुंदरता को देखने के लिये आयेंगे। आजादी की लड़ाई में रोटी और कमल के फूल का बहुत बड़ा महत्व था। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2021 तक अधिकारियों ने इस प्रोजैक्ट को पूरा करने की बात कही है लेकिन उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं मार्च-अप्रैल 2021 तक इस प्रोजैक्ट को पूरा करें, ताकि खेलो इंडिया में आने वाले दर्शक व अन्य इसकी सुंदरता को देख सकें और अपने आपको काफी गौरवान्वित महसूस करें। 
उन्होंने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आईओसीएल डिपू को यहां से स्थानान्त्रित किये जाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोग सुरक्षित रहें। उन्होंने उदाहरण के तौर पर जयपुर का हवाला देते हुए बताया कि वहां पर आगजनी के कारण तीन किलोमीटर के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। अम्बाला छावनी तो तीन किलोमीटर एरिया में ही बसा हुआ है, यदि यहां पर ऐसी कोई घटना होती है तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। स्वच्छता सर्वेक्षण के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि कचरा प्रबन्धन के टेंडर होने के बाद अगले वर्ष निस्संदेह स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में अम्बाला छावनी आगे आयेगा। प्रेस द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गंाधी की नाकारात्मक सोच है, उन्हें हर चीज में नकारात्मकता ही नजर आती है। सरकार ने जनहित के लिए 20 लाख करोड़ रूपए का इनपुट दिया हैं। यह उन्हे नजर नहीं आता और सरकार ने 10 प्रतिशत जीडीपी की मदद की हैं। इसका परिणाम धीरे-धीरे आएगा। कांगे्रस देश का भला नहीं चाहती। उनकी सोच ही नाकारात्मक हैं। 
इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता संजीत कुमार, कार्यकारी अभियंता निशांत, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, एसडीओ रितेश गोयल, मंडल प्रधान राजीव डिम्पल, अजय पराशर, किरण पाल चौहान, सोम चोपड़ा, अजय बवेजा, ललिता प्रसाद, जसबीर जस्सी, बलकेश वत्स, आशीष अग्रवाल, अभिकांत वत्स, सुनील निदारियां, अनिल धीर, संजीव वालिया, सुमन जैन, अजय कुमार, विपिन खन्ना मौजूद रहें। 
बॉक्स:- लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता संजीत कुमार ने निरीक्षण के दौरान गृहमंत्री को अवगत करवाते हुए बताया कि इंटर प्रोटेक्सन बिल्डिंग का लगभग 95 प्रतिशत, ओपन एयर थियेटर का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत, ऑडिटोरियम का 90 प्रतिशत, म्यूजियम का 44 प्रतिशत व मैमोरियल टावर का 35 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। ओपन एयर थियेटर के पीछे 5 दुकानें, हाल, 8 फूड स्टाल, एग्जिबिशन के साथ-साथ आईसी बिल्डिंग में वीआईपी लॉज, 5 दुकानें, चिल्ड्रन कॉर्नर, बुक स्टोर, म्यूजियम बिल्डिंग में 6 लिफ्ट की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं, ऑडिटोरियम में स्थित ओपन थियेटर में लोगों के बैठने की व्यवस्था 20 अलग-अलग प्रकार के फव्वारे, वाटर कर्टन के साथ-साथ दो प्लेटफार्म व अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि कार पार्किंग और हैलीपैड की व्यवस्था के कार्य को भी तेजी से करने का काम किया जायेगा। 
बॉक्स:- इस स्मारक में 210 फुट उंचाई के विशाल और आकर्षक मैमोरियल टावर के साथ-साथ 20 फुट ऊंचाई की दीवार बनाई जायेगी, जिन पर 1857 की क्रांति के योद्धाओं का उल्लेख किया जायेगा। इस स्मारक में विकसित किए जाने वाले 6 लॉन में 1857 की क्रांति के विवरणों का उल्लेख होगा तथा अम्बाला के इतिहास तथा 1857 की क्रांति में हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित म्यूजियम भी बनाया जा रहा है। 

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