वार्ड-30 में सीरो सर्वे व एंटीबॉडी जांच के लिए चला अभियान
August 19th, 2020 | Post by :- | 156 Views
बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ(गौरव शर्मा)
-कोरोना संक्रमण के फैलाव और लोगों के शरीर में विकसित होने वाली एंटीबॉडी के स्तर की जांच की 
-स्वास्थ्य विभाग की 3 टीमों ने कई लोगों के लिए सैंपल जांच के लिए
बहादुरगढ़। कोरोना संक्रमण के फैलाव और लोगों के शरीर में विकसित होने वाली एंटीबॉडी के स्तर की जांच के लिए झज्जर जिले में बुधवार से 2 दिवसीय सीरो सर्वे शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों की देखरेख में डाक्टर की टीम लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। इसी कड़ी के तहत वार्ड-30 में भी विभाग की 3 टीमों ने सीरो सर्वे की जांच का कार्य शुरू कर दिया। वरिष्ठ भाजपा नेत्री एवं नगर पार्षद डा. नीना सतपाल राठी के कार्यालय पर जाकर भी स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की टीम ने सैंपल लेने की कार्रवाई की। यहां पर कई अन्य व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई।
सीरो सर्वे के लिए मेडिकल आफिसर डा. अजय कुमार, ए.एम.ओ. डा. संगीता, ए.एन.एम. नीलम के अलावा दीपक, नवनीत व आशु की टीम ने वार्ड में सैंपल लेने का काम किया। जबकि एंटीबॉडी टीम में मेडिकल आफिसर डा. उमेश शर्मा व होम आइसोलेशन इंचार्ज डा. सुंदरम कश्यप शामिल रहे। उनकी देखरेख में यहां पर यह जांच का कार्य किया गया। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की टीम ने बुधवार को वरिष्ठ भाजपा नेता व पार्षद प्रतिनिधि सतपाल राठी का एंटीबॉडी जांच के लिए सैंपल लिया। सतपाल राठी ने कहा कि इस सीरो सर्वे व एंटीबॉडी जांच में वार्ड के लोगों ने पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को घर-घर जाकर सैंपल जांच का कार्य करना चाहिए। साथ में कहा कि हमें कोरोना संक्रमण से बचने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि कोई व्यक्ति संक्रमित मिलता है तो उसे या तो होम आइसोलेट रहना चाहिए या फिर कोविड-19 अस्पताल में उपचाराधीन होना चाहिए न कि वार्ड व गली में घूमना चाहिए। विशेष सावधानियां बरतकर व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से हमें बचना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो मुहिम कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने व एंटीबॉडी की जांच के लिए सैंपल लेने का जो अभियान चलाया गया है उसमें पूरा सहयोग देना चाहिए। सतपाल राठी ने कहा कि सीरो सर्वे के जरिये यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक जांच के दायरे में न आने
वाले कितने लोगों में यह संक्रमण फैला और उनके शरीर में एंटीबॉडी विकसित होने के बाद बिना जांच और इलाज के अपने आप खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि सीरो सर्वे कोरोना वायरस के इंफेक्शन के ट्रेंड का पता लगाने में मदद करता है।  जिले में मिलने वाली सीरो सर्वे के परिणाम के हिसाब से ही स्वास्थ्य सुविधओं में बदलाव किया जा सकता है। डा. उमेश कुमार समेत अन्य डाक्टरों का कहना है कि सीरो सर्वे के जरिये यह पता लगाया जाता है कि एरिया में कोरोना वायरस का संक्रमण कितना फैला है और आबादी का कितना बड़ा हिस्सा कोरोना से संक्रमित है। कितने व्यक्तियों के अंदर इस वायरस से लडऩे के लिए इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बन चुकी है और कितने व्यक्तियों के शरीर में एंटीबॉडी पैदा हो चुकी है।
–फोटो कैप्शन 1 व 2 : सीरो सर्वे व एंटीबॉडी जांच के लिए पार्षद प्रतिनिधि सतपाल राठी का सैंपल लेते हुए डाक्टरों की टीम।

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