आजादी के पावन पर्व पर सभी को हार्दिक बधाई दी और सभी के सुख-समृद्धि की मंगल कामना की :- परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा
August 15th, 2020 | Post by :- | 232 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 15 अगस्त:- परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि आज हम अपने राष्ट्र का 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर पलवल की ऐतिहासिक धरती पर तिरंगा फहराकर मुझे बड़े गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है। आजादी के इस पावन पर्व पर उन्होंने सभी को हार्दिक बधाई दी और सभी के सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। परिवहन मंत्री ने देश की सीमाओं पर डटे जवानों को भी इस राष्ट्रीय पर्व की बधाई दी और समारोह में उपस्थित स्वतंत्रता सेनानियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

मूलचंद शर्मा ने यह विचार शनिवार को स्थानीय नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजा रोहण करने व परेड की टुकडियों का निरीक्षण कर जिलावासियों को दिए संदेश में व्यक्त किए। स्वतंत्रता दिवस समारोह में परिवहन मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों के आश्रितों को शॉल भेट कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को नमन किया।

उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले सभी ज्ञात व अज्ञात शहीदों को नमन किया। इसके साथ ही मंत्री ने उन बहादुर सैनिकों को भी सलाम किया, जिन्होंने आजादी के बाद देश की एकता व अखण्डता और सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्हीं के बलिदानों के कारण आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, लेकिन उनके परिजनों को कुछ सुविधाएं देकर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता अवश्य दिखा सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं को 25 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। वीरगति को प्राप्त होने वाले सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली एक्स-ग्रेेसिया ग्रांट 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए की गई है। भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की पेंशनों में बढ़ोतरी की गई है। वीरगति को प्राप्त होने वाले हरियाणा के शहीदों के 320 आश्रितों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग का गठन किया गया है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को राज्य परिवहन की सामान्य बसों में राज्य की सीमा के अंदर मुफ्त यात्रा सुविधा दी गई है। देश की शरहदों की रक्षा के लिए शहादत देने में भी हरियाणा के वीर हमेशा आगे रहे हैं। आज भी हमारी सशस्त्र सेनाओं में औसतन हर दसवां जवान हरियाणा से है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने पिछले लगभग सवा छ: सालों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इससे दुनियाभर में भारत का गौरव बढ़ा है। केन्द्र सरकार ने पिछले साल जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद-370 व धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के हमारे महापुरुषों के सपने पूरा करने का काम किया है। इसी तरह तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने से हमारी मुस्लिम बहनों के जीवन में एक नए बदलाव की शुरुआत हुई है और अब वे सामाजिक तौर पर सम्मानजनक व सुरक्षित जीवनयापन कर पाएंगी।

शिक्षा को व्यावहारिक और रोजगार उन्मुखी बनाने के लिए नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओजस्वी नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन के अनुरूप सबका साथ-सबका विकास और हरियाणा एक-हरियाणवी एक के मूलमंत्र पर चलते हुए पूरे हरियाणा और प्रत्येक हरियाणवी के विकास का बीड़ा उठाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पारदर्शी शासन दिया है। किसान-मजदूर के कल्याण, युवाओं के उत्थान और महिलाओं के सम्मान के लिए नई-नई योजनाएं शुरू की हैं। राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके शासन कम से कम-सुशासन अधिकतम की अवधारणा के साथ ईज ऑफ  लीविंग की दिशा में काम कर रही है। वर्ष 2020 को सुशासन संकल्प वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा लोगों को भ्रष्टाचार-मुक्त व बाधा-रहित सेवाएं प्रदान करने के लिए परिवार पहचान पत्र कार्यक्रम शुरू किया गया है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से समूचे ग्रामीण, शहरी और आबादी देह क्षेत्रों की बड़े पैमाने पर जीआईएस मैपिंग की परियोजना शुरू की गई है। करनाल जिले के गांव सिरसी से गांवों को लाल डोरा से मुक्त करने की एक पायलट परियोजना शुरू की गई है। वर्तमान सरकार ने न केवल शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों का मान बढ़ाया है बल्कि खेत में दिन-रात पसीना बहाकर पूरे देश का पेट भरने वाले अन्नदाता किसान की मेहनत का भी पूरा सम्मान किया है। मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय या 5 एकड़ तक भूमि जोत वाले परिवारों को 6 हजार रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। मूलधन की अदायगी समय पर करने वाले किसानों को बिना ब्याज के फसली ऋण दिए जा रहे हैं।

किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसल सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। उपज की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के नाम से ई-खरीद पोर्टल शुरू किया गया है। किसानों को बाजार भाव के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए भावांतर भरपाई स्कीम लागू की गई है। जल संरक्षण तथा मक्का व अरहर खेती के प्रोत्साहन के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना शुरू की गई है। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालकों के लिए भी पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है।

ग्रामीण आंचल के हर घर में पानी पहुंचाने के लिए हर घर नल से जल योजना शुरू की गई है। प्रदेश के सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को खुले में शौच-मुक्त बनाया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 10 जिलों के सभी गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार का स्वतंत्रता दिवस हम कोविड-19 जैसी महामारी के साए में मना रहे हैं। इस महामारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है और एक दौर तो ऐसा भी आया जब अपने-आपको महाशक्ति बताने वाले देश भी इसके सामने लाचार नजर आए।

परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जावान व गतिशील नेतृत्व में भारत ने धैर्य और संयम से काम लिया और इस महामारी का डटकर मुकाबला किया। यही कारण है कि भारत में इसके संक्रमितों की मृत्यु-दर पश्चिमी देशों के मुकाबले बेहद कम है और रिकवरी दर भी लगातार बढ़ रही है। हरियाणा में तो रिकवरी दर 83 प्रतिषत से भी अधिक हो गई है। देश के असंख्य डॉक्टरों, नर्सो, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, आंगवाड़ी कार्यकर्ताओ आदि ने कोरोना योद्धा के रूप में मानवता की महान सेवा की है। उनमें से कुछ आज यहां उपस्थित हैं। हम इन सबका अभिनंदन करते हैं।
प्रदेश में 11 सरकारी अथवा सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में केवल कोरोना के मरीजों के लिए अलग से वार्ड अथवा ब्लॉक बनाए गए हैं। इसके अलावा 40 अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया है। सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कम से कम 25 प्रतिशत बैड आरक्षित किए गए हैं। प्रदेश में 13 सरकारी व 6 प्राइवेट टैस्टिंग लैब बनाई गई हैं। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में 11 हजार 587 आइसोलेशन बैड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कोविड केयर सेंटर्स में 41 हजार 171 बैड की व्यवस्था की गई। ऑनलाइन प्लाज्मा दान करने के लिए पोर्टल लॉन्च किया गया है। वर्तमान में गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक व पंचकूला में प्लाज्मा बैंक खोले गए हैं।

कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू लैब इत्यादि में काम कर रहे सभी सरकारी व निजी डॉक्टरों को 50 लाख रुपये, नर्सो को 30 लाख रुपए, पैरा-मैडिकल स्टाफ को 20 लाख रुपये तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 लाख रुपए का एक्सग्रेसिया कवर देने का निर्णय लिया गया है। कोरोना से लड़ रहे डाक्टरों, नर्सो, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्टॉफ का वेतन दुगुना किया गया है।

महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, आपकी बेटी-हमारी बेटी और हरियाणा कन्या कोष समेत कई योजनाएं शुरू की गई हैं। हाल ही में महिला एवं किसोरी सम्मान योजना और मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना शुरू की गई हंै। ये दोनों योजनाएं गरीब परिवारों के बच्चों और महिलाओं में कुपोषण खत्म करने और उन्हें बीमारियों से बचाने में कारगर साबित होंगी। 9वीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं के लिए शिक्षा संस्थानों तक सुरक्षित यात्रा हेतु छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए रक्षाबंधन के मौके पर 11 नए कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इसके साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां 15 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज होगा। इसके अलावा प्रदेश में 98 संस्कृति मॉडल स्कूल भी खोले जा रहे हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां बेरोजगार युवाओं को 100 घंटे का काम देने के लिए सक्षम युवा योजना शुरू की गई है। युवाओं को रोजगार के अवसरों की जानकारी एक मंच पर मुहैया करवाने के मकसद से रोजगार पोर्टल शुरू किया गया है। उनके कौशल विकास के लिए हरियाणा कौशल विकास मिशन बनाया गया है। जिला पलवल के गांव दूधोला में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। सत्र 2019-20 से पांच नए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तथा चार नए निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आरम्भ किए गए हैं तथा 22 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अलग से विभाग का गठन किया गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 176 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 23 बड़े व मध्यम उद्योग लगे और इनमें 1315 लोगों को रोजगार मिला। इसके अतिरिक्त 2016 करोड़ रुपये के निवेश से 14 हजार 804 सूक्ष्म एवं लघु उद्योग लगे तथा इनमें 94 हजार 261 लोगों को रोजगार मिला। प्रदेश में 3 लाख गरीब लोगों को छोटा-मोटा काम शुरू करने के लिए 15 हजार रुपये तक का ऋण केवल 2 प्रतिशत ब्याज पर देने का निर्णय लिया गया है।

उद्योगों के फलने-फूलने तथा प्रदेश के समुचित विकास के लिए बुनियादी ढांचे का विकास अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार प्रदेश में सडक़, रेल और मेट्रो के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। पिछले पौने छ: सालों के दौरान प्रदेश में 13 हजार 436 करोड़ रुपये की लागत से 29 हजार 400 किलोमीटर से अधिक लंबी सडक़ों का सुधार किया गया है। इसके अलावा, 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 4300 किलोमीटर से ज्यादा नई सडक़ों का निर्माण किया गया है। प्रदेश में 1070 किलोमीटर लंबे 17 राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए गए हैं। रहने के लिए घर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2022 तक हर परिवार के पास अपना घर हो। आवास के बाद परिवहन लोगों की दूसरी सबसे बड़ी जरूरत है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सेवाएं मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। आवागमन के लिए जब भी किसी सरकारी या सार्वजनिक परिवहन उपक्रम की बात चलती है तो सबसे पहले हरियाणा रोडवेज का जिक्र होता है। विभाग के कर्मठ कर्मचारियों ने कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान भी अपनी जान की परवाह न करते हुए लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का काम किया है। इस महामारी के इलाज में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को उनके आवास से कार्य स्थल पर पहुंचाने के लिए भी बसें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हरियाणा रोडवेज समाज के कई वर्गो को मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधाएं मुहैया करवाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहा है।

प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को राज्य की सीमा के अन्दर बस किराए में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर अन्य राज्यों के गन्तव्य स्थान तक कर दिया गया है। कैंसर पीडि़त के एक सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा सुविधा दी जा रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2018-19 के दौरान 183 बसों को नए डिजाइन की बसों के साथ बदला गया। इसके अलावा 150 मिनी बसें और 18 सुपर लग्जरी बसें बेड़े में शामिल की गई हैं। इसी तरह 485 बसें किलोमीटर स्कीम के आधार पर भी राज्य परिवहन के बेड़े में शामिल की गई हैं। यात्रियों को आरामदायक परिवहन सेवा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 38 वोल्वो सुपर लग्जरी ए.सी. बसें चलाई जा रही हैं। हरियाणा रोडवेज द्वारा फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला शहरों में शहरी बस सेवा चलाई जा रही है। प्रदेश में दिनों-दिन बढ़ती परिवहन सेवाओं की मांग के चलते विभिन्न क्षेत्रों में नए डिपो व उप-डिपो स्थापित किए जा रहे हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर 125 बस अड्डे स्थापित किए गए हैं।

इस अवसर पर पलवल के विधायक दीपक मंगला, पृथला के विधायक नयनपाल रावत, जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर, उपायुक्त नरेश नरवाल, पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत, अतिरिक्त उपायुक्त वत्सल वशिष्ठï, एसडीएम पलवल कंवर सिंह, नगराधीश दिनेश, जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग पलवल के सचिव के.के. यादव, सिविल सर्जन डा. ब्रह्मïदीप, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी डी.पी. कुलश्रेष्ठï, जिला परिषद की चेयरपर्सन आशावती, भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह सौरोत, जजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र, भाजपा महामंत्री पवन अग्रवाल, मुकेश सिंगला, पूर्व विधायक रामरत्न सहित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

 

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