किसान मज़दूर सँघर्ष कमेटी द्वारा 15 अगस्त को केंद्र और पंजाब सरकार के पुतले फूंकने की रणनीति तैयार की ।
August 13th, 2020 | Post by :- | 173 Views

किसान मजदूर सँगर्ष कमेटी द्वारा 15 अगस्त को केंद्र और पंजाब सरकार के पुतले फूंकने की रणनीति तैयार की ।
जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
किसान मजदूर जत्थेबंदी द्वारा आज गांव बंडाला में राज्य कमेटी की जनरल बॉडी और युवाओं की मीटिंग कर ‘जंग ए आज़ादी ‘के शहीदों के सपनों का किसानों मज़दूरों का राज्य लाने व निजजीकर्ण को बढ़ावा देने वाली अहलूवालिया कमेटी की रिपोर्ट को रद्द कर मते पास किये गए। इस उपलक्ष्य में किसान मजदूर सँगर्ष कमेटी द्वारा आज गांव बंडाला के गुरुद्वारा साहिब में 11 जिलों पर आधारित राज्य कमेटी की जनरल बॉडी की चुनिंदा युवाओं की मीटिंग राज्य सीनियर वाईस प्रधान सविंदर सिंह चुताला की अध्यक्षता में हुई। मोदी सरकार द्वारा कृषि व्यापार कॉरपोरेट कंपनियों कर हवाले करने के लिए तीनों ऑर्डिनेंस 2020 और बिजली सोध बिल और पंजाब सरकार को अहलूवालिया कमेटी द्वारा केंद्र सरकार के निजजीकर्ण ,उदारीकरण ,के एजेंडे के मुताबिक उसी सेध में सौंपी बेसिक रिपोर्ट को मीटिंग में मता पास कर इस फैसले के विरोध में पंजाब के लोगों को 15 अगस्त को काला दिवस गुलामी की जड़ों को काटने के लिए मनाने का फैसला लिया गया। पंजाब के हज़ारों गांव में केंद्र और पंजाब सरकार के पुतले फूंकने का निर्णय लिया गया। एक और मते द्वारा बुद्धिजीवी ,पत्रकारों ,सामाजिक कारकुनों पर देश द्रोह के मामले रद्द करना ,जेलों में रिहा करने पर कारवा मैगज़ीन के पत्रकारों पर भाजपा समर्थकों द्वारा जनलेवा हमला करने पर भी दिल्ली पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज ना करने की कड़ी निंदा की गई।
मीटिंग को संबोधित करते हुए जनरल सकत्तर सरवन सिंह पंधेर ,जसबीर सिंह पिद्दी ,सुखविंदर सिंह सभरा ,,गुरबचन सिंह चब्बा ,ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए कुर्बानी देने वाले सूरबीरों को सलाम करती है ,पर आज 73 वर्ष बीत जाने के बाद भी अंग्रेजों की जगह काले अंग्रेज राज कर रहें हैं। अमीर और गरीब का अंतर पहले से ज्यादा बढ़ रहा है। देश के 1%लोगों के पास देश कब73% पैसा इकट्ठा हो चुका है। देश मे 42 करोड़ लोग बेरूज़गार हैं परंतु 85%जनता 26 रुपये रोजाना गुजारा कर रहें हैं। उन्होंने ने कहा कि इस मौके केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ 7 सिंतबर से गांवों में लिस्ट बनाने का न्योता दिया है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।