केन्द्र सरकार जनता के खून-पसीने से खड़े किए सरकारी विभागों एवं उपक्रमों को पूंजीपतियों के हवाले कर रही है – कुलदीप चौहान
August 9th, 2020 | Post by :- | 32 Views

बराड़ा:(जयबीर राणा थंबड़)
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन की 78वीं वर्षगांठ पर आज अनाज मंडी, बराड़ा में सत्याग्रह शुरू किया गया। जिसको संबोधित करते हुये जन शिक्षा अधिकार मंच के जिला संयोजक कुलदीप चौहान ने आरोप लगाया कि ‘सौगंध इस मिट्टी की खाते हैं, देश को नही बिकने देंगे’ का भावनात्मक नारा देकर सत्ता में आई केन्द्र सरकार जनता के खून-पसीने से खड़े किए सरकारी विभागों एवं उपक्रमों को पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सब बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जिसको देश प्रेमी एवं राष्ट्रवादी लोग बिल्कुल भी सहन नही कर सकते। उन्होंने बताया कि देश के सार्वजनिक क्षेत्र, लोकतंत्र, सरकारी विभागों, संवैधानिक संस्थाओं, जनतांत्रिक अधिकारों, श्रम कानूनों व संविधान को बचाने की मांग को लेकर कर्मचारी एवं मजदूर आज पूरे देश में सत्याग्रह कर रहे हैं। जिसमें देश की सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं फैडरेशन और कर्मचारी संघों की फैडरेशन भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों के उपरोक्त कारनामों के कारण ना चाहते हुए भी कर्मचारियों एवं मजदूरों के दबाव में भाजपा के मजदूर संगठन को विरोध पर आने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
मंच संचालन करते हुए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सचिव अशोक कुमार सैनी ने बताया कि सरकार पिछले 8 सालों से जेबीटी शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है, जिसके कारण हजारों एचटेट परीक्षा पास किए नौजवानों का इसी महीने एचटेट प्रमाण पत्र अमान्य हो जाएगा, क्योंकि उसकी वैधता ही 7 साल की है। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने से 1983 निर्दोष पीटीआई अपनी सेवा बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जिसको लेकर प्रदेश के तमाम विभागों के कर्मचारियों में भारी रोष है। नयी शिक्षा नीति के नाम पर शैक्षिक ढ़ांचे को तहसील नहस करने और भगवाकरण करने का पूरा इंतजाम कर दिया गया है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला वरिष्ठ उप प्रधान दविंद्र राणा ने बताया कि सरकारी बेड़े में सरकारी बसों को शामिल करने की बजाय प्राईवेट बसों को रुट परमिट देने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करके जनता को कोरोना जैसी महामारियों से बचाने और जनता को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की बजाय स्वास्थ्य सेवाओं को भी बाजार के हवाले किया जा रहा है।
बिजली विभाग के नेता गुरतेज सैनी और कुलदीप बंसल ने बताया कि कोरोना महामारी में भी सरकार बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने जा रही है, जिसके खिलाफ़ 18 अगस्त को पूरे देश का पावर सैक्टर देशव्यापी हड़ताल करने जा रहा है।
प्रदर्शन को आशा वर्कर्स जिला सचिव कविता अध्यापक संघ के खण्ड प्रधान मुकेश घारू और लाभ सिंह, मिड डे मील प्रधान ममता चौहान, ट्यूबवैल अप्रेटर मलकीत सिंह और नगरपालिका नेता सुलोचन ने भी संबोधित किया।
उप मण्डल प्रधान ओमप्रकाश ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि संघ के फैसले अनुसार 14 अगस्त को 1983 पी.टी.आई. के समर्थन में जेल भरो आंदोलन में शामिल होने, आशा वर्कर्स की हड़ताल का समर्थन करने और 18 अगस्त की पावर सैक्टर की देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करने का ऐलान किया।

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