ज़हरीली शराब मामले में पंजाब सरकार असली आरोपियों को बचा रही है :मजीठिया ।
August 9th, 2020 | Post by :- | 76 Views
पंजाब सरकार ज़हरीली शराब के कारण  गरीब लोगों को मौत के घाट उतारने वाले असल आरोपियों को छुपाने के लिए कर रही है ड्रामेबाज़ी :मजीठिया ।

जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार की शिरोमणि अकाली दल बादल द्वारा जबरदस्त रोष प्रदर्शन करने के एक सप्ताह बाद जाग खुली है। उक्त शब्द आज गांव मुच्छल में गत दिनों ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों व मृतकों के अंतिम अंतिम अरदास पर पहुँचे बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहे। उन्होंने कहा कि इन मौतों के जिम्मेदार मुख्यमंत्री और विधायक है जिनकी शरण मे यह ज़हरीली शराब का धंधा चल रहा था। पंजाब के मुख्य सचिव द्वारा दिये गए बयानों के बाद अगर सरकार ने कार्रवाई की होती तो आज यह मौतें नही होती ।पंजाब पुलिस द्वारा इन मौतों के असल जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है। पुलिस द्वारा गांवों से लाहन को पकड़ कर बड़ी प्राप्ति बताई जा रही है। जबकि मौतों की असली वजह फैक्टरियों से आने वाली ज़हरीली।अल्कोहल के कारण हुई है। पुलिस ने इनकी फैक्टरियों पर छापेमारी नही की ।
उन्होंने कहा कि मुच्छल गांव के मृतकों के सभी परिवारों द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम एक मांग पत्र भेजा जा रहा है जिसमे नशों को बंद करने ,असल।दोषियों को पकड़ने ,मुआवजा की रकम 25 लाख रुपये देने ,औऱ परिवार के एक मेंबर को रेगूलर सरकारी नौकरी देने के बारे में कहा गया है। बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा खुद बुलेट मोटरसायकिल चलाकर मृतको के वारिसों के घर तक पहुंच कर उनके साथ शोक व्यक्त किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक बलजीत  सिंह जलालउस्मा ,वीर सिंह लोपोके ,मलकीत सिंह ए आर ,पूर्व सरपंच सुखराज सिंह। संदीप।सिंह ए आर ,गगनदीप सिंह जज ,मनजीत सिंह तरसिक्का ,गुरमीत सिंह राजपूतां ,मनजिंदर सिंह भीरी ,लखविंदर सिंह ,सतनाम।सिंह मुच्छल ,जगजीत सिंह ,पूर्व सरपंच गुरपीत सिंह कोटला ,सुखविंदर सिंह बुताला ,जस वरपाल ,प्रभदयाल सिंह सरजा ,रणबीर सिंह राणा ,हरप्रीत सिंह ,जगीर सिंह,हरजिंदर सिंह नंगली,जगतार सिंह गगगड़भाना ,प्रताप सिंह ठेकेदार हाज़िर थे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।