सर्वकर्मचारी संघ द्वारा भारत छोड़ो आंदोलन की 78वीं वर्षगांठ पर करेगा सत्याग्रह
August 1st, 2020 | Post by :- | 24 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत मुल्तानी )

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ से संबंद्ध सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा की बराड़ा उप मण्डल कर्याकारिणी की बैठक उप मण्डल प्रधान ओमप्रकाश की अध्यक्षता में बस स्टैंड बराड़ा में हुई, जिसका संचालन सचिव नैब सिंह ने किया। बैठक में कुलदीप बंसल, हरविंद्र कौर, डिंपल सैहला, भूरा और आशा वर्कर्स जिला सचिव कविता भी शामिल हुईं। नैब सिंह ने बताया कि देश के सार्वजनिक क्षेत्र, लोकतंत्र, सरकारी विभागों, संवैधानिक संस्थाओं, जनतांत्रिक अधिकारों, श्रम कानूनों व संविधान को बचाने की मांग को लेकर कर्मचारी एवं मजदूर भारत छोड़ो आंदोलन की 78वीं वर्षगांठ पर 9 अगस्त को बराड़ा अनाज मंडी में सुबह 9 बजे सत्याग्रह करेगा, जिसमें हेमसा, बिजली विभाग, अध्यापक संघ, अनुबंधित अध्यापक, मंडी बोर्ड, आई टी आई, मिड डे मील, आशा वर्कर्स, एन आर एच एम, कंप्यूटर प्रोफैशनलज, नगरपालिका सफाई कर्मी, स्वास्थ्य ठेका कर्मी, पी डबल्यू डी और वीएलडीए आदि विभागों के कर्मचारी शामिल होंगे।
संघ के जिला वरिष्ठ उप प्रधान दविंद्र राणा ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों के उपरोक्त कारनामों के कारण ना चाहते हुए भी कर्मचारियों एवं मजदूरों के दबाव में भाजपा के मजदूर संगठन को भी विरोध में आने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सरकारी बेड़े में सरकारी बसों को शामिल करने की बजाय प्राईवेट बसों को रुट परमिट देने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करके जनता को कोरोना जैसी महामारियों से बचाने और जनता को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की बजाय स्वास्थ्य सेवाओं को भी बाजार के हवाले किया जा रहा है।
उप मण्डल वित्त सचिव अशोक कुमार सैनी ने बताया कि सरकार पिछले 8 सालों से जेबीटी शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है, जिसके कारण हजारों एचटेट परीक्षा पास किए नौजवानों का इसी महीने एचटेट प्रमाण पत्र अमान्य हो जाएगा, क्योंकि उसकी वैधता ही 7 साल की है। उन्होंने बताया कि जेबीटी शिक्षकों की शीध्र भर्ती निकालने और बिजली निगमों में 2019 में विज्ञापित 146 जूनियर सिस्टम इंजीनियर के पदों का परिणाम घोषित करवाने की मांग को लेकर कर्मचारी 5 अगस्त को सभी डीसी आफिस पर प्रर्दशन करेंगे।
शिक्षा पर करीब करीब पूंजीपतियों का कब्जा स्थापित हो गया है। जहां पैरेंट्स और निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का भारी शोषण हो रहा है। कोरोना का फायदा उठाकर निजी स्कूलों ने 20 से 30 प्रतिशत स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया और बाकी शिक्षकों को भी 50 प्रतिशत ही वेतन दिया जा रहा है। बकाया वेतन पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई है। जबकि 90-95 प्रतिशत फीस आ चुकी है। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने से 1983 निर्दोष पीटीआई अपनी सेवा बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिसको लेकर प्रदेश के तमाम विभागों के कर्मचारियों में भारी रोष है। कोरोना महामारी में भी सरकार बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने जा रही है, पावर सैक्टर के निजीकरण के ख़िलाफ़ 18 अगस्त की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भी संघ समर्थन करेगा।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रेस सचिव लाभ सिंह ने जींद में आंदोलन कर रहे पीटीआई पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे दमनकारी कदम बताया।

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