शिव सेना हिंदुस्तान के पंजाब राज्य सचिव एवं चंडीगढ़ प्रदेश प्रमुख अजय सिंह चौहान ने नई शिक्षा प्रणाली 2020 का स्वागत करते हुए किया समर्थन।
July 31st, 2020 | Post by :- | 127 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) शिवसेना हिंदुस्तान के पंजाब प्रांत सचिव एवं चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह चौहान ने कल 34 साल बाद नई शिक्षा नीति लागू करने पर केंद्र सरकार को शुभकामनाएं देते हुए खुशी व्यक्त की।इस नई नीति के तहत आने वाली पीढ़ी को जहां एक ओर देशी और विदेशी स्तर पर और आगे लेकर जाएगी वहीं यह शिक्षा प्रणाली बच्चों को अपनी मात्रभूमि, अपनी मातृभाषा को और अच्छी तरह से  जानने में सहायक होगी जिससे कि नैतिक मूल्यों की स्थापना भी होगी।नई शिक्षा नीति में पाँचवी क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई का माध्यम रखने की बात कही गई हैl  इसे क्लास आठ या उससे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सेकेंडरी लेवल से होगी। हालांकि नई शिक्षा नीति में यह भी कहा गया है कि किसी भी भाषा को थोपा नहीं जाएगा।

साल 2030 तक माध्यमिक स्तर तक एजुकेशन फ़ॉर के अधीन अभी तक स्कूल से दूर रह रहे दो करोड़ बच्चों को दोबारा मुख्य धारा में लाया जाएगा। जिससे कि देश में साक्षरता दर में और वृद्धि होगी।
स्कूल पाठ्यक्रम के 10 + 2 ढांचे की जगह 5 + 3 + 3 + 4 का नया पाठयक्रम संरचना लागू किया जाएगा जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14, और 14-18 उम्र के बच्चों के लिए है। इसमें अब तक दूर रखे गए 3-6 साल के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है, जिसे विश्व स्तर पर बच्चे के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण चरण के रूप में मान्यता दी गई है।नई प्रणाली में प्री स्कूलिंग के साथ 12 साल की स्कूली शिक्षा और तीन साल की आंगनवाड़ी होगी। इसके तहत छात्रों की शुरुआती स्टेज की पढ़ाई के लिए तीन साली की प्री-प्राइमरी और पहली तथा दूसरी क्लास को रखा गया है। अगले स्टेज में तीसरी, चौथी और पाँचवी क्लास को रखा गया है. इसके बाद मिडिल स्कूल याना 6-8 कक्षा में सब्जेक्ट का इंट्रोडक्शन कराया जाएगा। सभी छात्र केवल तीसरी, पाँचवी और आठवी कक्षा में परीक्षा देंगे। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा पहले की तरह जारी रहेगी। लेकिन बच्चों के समग्र विकास करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन्हें नया स्वरूप दिया जाएगा।पढ़ने-लिखने और जोड़-घटाव(संख्यात्मक ज्ञान) की बुनियादी योग्यता पर ज़ोर दिया जाएगा। आवश्यक एनसीईआरटी 8 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा (एनसीपीएफ़ईसीसीई) के लिए एक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा विकसित करेगा। स्कूलों में शैक्षणिक धाराओं, पाठ्येतर गतिविधियों और व्यावसायिक शिक्षा के बीच ख़ास अंतर नहीं किया जाएगा।अजय सिंह चौहान ने कहा कि किसी राष्ट्र को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में शिक्षा की अहम भूमिका है। मुझे विश्वास है कि नई शिक्षा नीति नए भारत का निर्माण सुनिश्चित करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार बधाई की पात्र है।

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