अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, 5 डीसीपी को किया ध्वस्त
July 31st, 2020 | Post by :- | 520 Views

खेड़ावाली चौंक पर 11 दुकानों तथा एक निर्माणाधीन निर्माण को गिराया

 

कालका (रोहित शर्मा) । जिला नगर योजनाकार ( ई ० ) पंचकूला द्वारा हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम -1975 के तहत सीएम विंडों के संदर्भ में अर्बन एरिया पिंजौर – कालका के मौजा टगरा कलीराम में काटी जा रही अवैध कॉलोनी को गिराया गया । इस कार्यवाही में एक एकड़ में पनप रही अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की गई , जिसमें लगभग 5 डीपीसी को ध्वस्त किया गया । इसके अतिरिक्त पैरीफेरी कंट्रोल्ड एरिया में खेड़ावाली चौंक पर 11 दुकानों तथा एक निर्माणाधीन निर्माण को गिराया गया । उपरोक्त कार्यवाही जिला नगर योजनाकार ( ई ० ) पंचकूला विभाग द्वारा की गई । इस कार्यवाही में जिला नगर योजनाकार ( ई 0 ) पंचकूला लता हुडा तथा बीडीपीओ विकास बतौर डयूटी मैजिस्ट्रेट मौजूद रहे तथा इसके अतिरक्त जिला नगर योजनाकार ( ई 0 ) के दीपक कनिष्ठ अभियंता , भूपेश कुमार सहायक, सुशील कुमार पटवारी व क्षेत्रान्वेषक कपिल तोडफोड दस्ते के साथ मौजूद थे । वहीं किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा । इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों द्वारा तोड़फोड़ का काफी विरोध किया गया , लेकिन विभाग ने अपनी कार्यवाही जारी रखी ।

 

बता दें कि पंचकूला की सभी तहसीलों में सार्वजनिक सूचना बोर्ड सहित अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री न करने बारे संबंधित तहसील कार्यालयों में पत्र भी जारी किए जा चुके हैं । अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य अवैध है और अगर यहां कोई निर्माण करता हैं तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी । हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम -1975 के तहत अर्बन एरिया में उपरोक्त अधिनियम की धारा -3 के अनुसार कोई भी प्रॉपर्टी डीलर निदेशक नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा से बिना लाईसेंस लिए यदि किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करता हैं तो वह गैर – कानूनी है और अवैध कॉलोनी क्षेत्र में प्लॉट जमीन की खरीद – फरोख्त अवैध निर्माण करने के विरूद्व हरियाणा शहरी अधिनियम -1975 की धारा 10 ( 2 ) के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी ।

 

जिला नगर योजनाकार ( ई ० ) ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र में कोई भी कार्य करने से पहले अनुमति लेनी अनिवार्य हैं । जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि जिला पंचकूला में कोई भी कॉलोनी विकसित करने से पहले निदेशक नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग हरियाणा चंडीगढ द्वारा विभागीय अनुमति ली जानी आवश्यक हैं । उपरोक्त अवैध कॉलोनियां भू – मालिकों द्वारा प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर बिना किसी सरकारी अनुमति के विकसित की जा रही है तथा भोली – भाली जनता को बहला – फुसलाकर छोटे – छोटे प्लॉट बेच दिए जाते हैं । ऐसे भू – मालिकों , प्रॉपर्टी डीलरों तथा अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट -1975 व पैरिफेरी नियंत्रित क्षेत्र -1952 तथा नियंत्रित क्षेत्र -1963 के तहत विभाग सख्त कानूनी कार्यवाही करता है तथा इनके खिलाफ एफआईआर . दर्ज करवाई जाती है , जिसमें तीन साल कारावास तथा जुर्माने का भी प्रावधान है । अतः जनता से अनुरोध किया जाता है कि विभाग से सीएलयु की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के छोटे या बड़े निर्माण न करें तथा अनुसूचित रोड के साथ लगती हुई 30 मीटर प्रतिबंधित पटटी में कोई भी निर्माण कार्य न करें , ताकि जनता की कड़ी मेहनत का पैसा बर्बाद न हो और अनाधिकृत अवैध निर्माणों पर रोक लग सकें । आमजन से अपील है कि इन अवैध कॉलोनियों में किसी के भी बहकावे में आकर प्लॉट इत्यादि ना खरीदें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण ना करें , जिससे आपकी मेहनत की कमाई व्यर्थ न हो

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