एक अगस्त को मनाई जाएगी बकरीद
July 29th, 2020 | Post by :- | 98 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  हिलाल कमेटी नूह के सदर एवं बड़ा मदरसा नूह के संचालक मुफ्ती जाहिद हुसैन ने कहा कि ईद उल अजहा का पर्व आगामी 1 अगस्त को मनाया जाएगा । मुफ्ती जाहिद हुसैन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उस दिन चांद की 10 तारीख होगी तथा अंग्रेजी 1 अगस्त की तारीख होगी। लिहाजा जिले में या जहां पर भी जो मुसलमान 31 जुलाई को बकरा ईद की नमाज को लेकर संशय में है , उनके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। यह साफ है कि देश में जितनी भी हिलाल कमेटी दिल्ली , मुम्बई , लखनऊ इत्यादि में हैं । उन सभी का फैसला यही है कि आगामी 1 अगस्त को बकरा ईद का पर्व मनाया जाएगा । बड़ा मदरसा नूह के संचालक मुफ़्ती जाहिद हुसैन ने कहा कि जिस तरह ईद उल फितर की नमाज और जुमे की नमाज स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के हिसाब से पढ़ी जा रही हैं या पढ़ी गई हैं। ठीक उसी तरह से बकरा ईद की नमाज पढ़नी है । उन्होंने कहा कि ईदगाह में बड़ी संख्या में एक साथ नमाज पढ़ने से लोग बचे। सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क इत्यादि के जो नियम बनाए गए हैं। उनका पूरी तरह से पालन करें। मुफ्ती जाहिद हुसैन ने कहा कि इसके अलावा कुर्बानी जो लोग करें वह इस बात का ध्यान रखें कि किसी पड़ोसी को किसी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो और इसके अलावा गंदगी ना फैले। लिहाजा बकरा , भेड़ , भैंस इत्यादि पशु की कुर्बानी करनी है , उससे गंदगी नहीं फैली चाहिए । कुल मिलाकर बकरा ईद का त्यौहार ईद उल फितर की तरह कोरोना काल में ही मनाया जा रहा है। इसलिए मुसलमानों के बड़े पर्व पर उस तरह की कोई खास खुशी देखने को नहीं मिल रही जितनी बीते सालों में मिलती रही है। सबसे खास बात यह है कि कुर्बानी भी बीते सालों की तुलना में इस बार बकरा ईद के मौके पर बेहद कम होती दिखाई दे रही है। देश मे पैदा हुए हालातों की वजह से पशु मंडी नही लग रही , दूसरा कुर्बानी के लिए पशु लेकर जाना किसी चुनोती से कम नही है।

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