करेक्ट बिल पहुंचाने में लापरवाही कर रही एजेंसियों पर करें कार्रवाई पं. श्रीकान्त शर्मा
July 29th, 2020 | Post by :- | 38 Views

मथुरा,( राजकुमार गुप्ता )उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री पं. श्रीकान्त शर्मा ने बुधवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनसहभागिता से 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति के संकल्प को पूरा कराने के लिए तय लक्ष्यों को समय से पूरा करें। यह भी कहा कि ट्रिपिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। डिस्कॉम के एमडी स्वयं प्रत्येक जिले में आपूर्ति की ऑडिट करें। लापरवाही पर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने ट्रांसफार्मर्स के बदले जाने के बाद भी फुंकने की शिकायतों पर वर्कशॉप्स की जांच कराने के निर्देश दिए। कहा कि एमडी स्वयं इसकी व्यवस्थाओं की निगरानी करें। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उच्चाधिकारियों की भी जवाबदेही सुनिश्चित करायें। उपभोक्ता शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही भी सुनिश्चित करायें। ट्रांसफार्मर या फाल्ट की शिकायतों पर न्यूनतम समय में कार्यवाही की जाए।

कहा कि 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति के लिए सभी जनपदों में 30-30 फीडर चिह्नित किये गए हैं। यहां यूपीपीसीएल की विजिलेंस टीम व संबंधित डिस्कॉम के अधिकारियों को 90 दिनों में लाइन लॉस 15% के नीचे ले आना है। वहीं सांसदों व विधायकों से भी 10 फीडरों को गोद लेकर वहां भी आदर्श व्यवस्था विकसित करने का अनुरोध किया गया है। सभी बेहतर आपूर्ति के लिए सरकार के प्रयासों के साथ खड़े हैं। हमें उनका सहयोग लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सबको बिजली व निर्बाध बिजली के लक्ष्य को तय समय में पूरा करना है।

कहा कि ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं को बिल जमा करने की सुविधा के लिए जनसुविधा केंद्रों के अलावा सरकारी राशन की दुकानों, स्वयं सहायता समूहों व सहकारी समितियों को भी माध्यम बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीण अपने गांव या घर के समीप ही बिल जमा कर सकेंगे। उन्होंने सही बिल न उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए। कहा कि उपभोक्ता को सही विद्युत आपूर्ति के साथ समय से सही बिल उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है।
कृषि फीडरों के विभक्तिकरण के बाद भी कई जनपदों में उन लाइनों पर घरेलू कनेक्शन होने की शिकायतों का भी शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश ऊर्जा मंत्री जी द्वारा दिए गए। उन्होंने सभी डिस्कॉम प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया कि वह तय किये गए लक्ष्यों की नियमित स्तर पर समीक्षा करते रहें। लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित करें।

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