दादुपुर नलवी नहर को रद्द करना भाजपा सरकार का किसान विरोधी कदम :- वरुण चौधरी।
July 28th, 2020 | Post by :- | 31 Views

अंबाला , मुलाना ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

हल्का मुलाना से कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने भाजपा सरकार द्वारा दादुपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने के फेसले को किसान विरोधी फैसला करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तरी हरियाणा के लिए अहम दादूपुर नलवी नहर परियोजना को रद्द करके किसानों की जमीन उन्हें वापस करने का फैसला लेकर बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इस नहर के बंद होने से उतरी हरियाणा डार्क जोन बना है औऱ इसे डार्क जोन बनाने वाली खुद भाजपा सरकार है और भाजपा अपनी इस इतनी बड़ी गलती को सही ठहराने में लगी हुई है। भाजपा द्वारा इस गलती को सही ठहराने से भाजपा का किसान विरोधी चेहरे उजागर होता है।

उन्होंने तर्क दिया कि इस परियोजना से 225 गांवों की लगभग 1 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का सीधा लाभ होता और लगभग इतनी ही अतिरिक्त जमीन को वॉटर रिचार्जिंग के माध्यम से लाभ मिलना था। इसका मकसद किसानों को नहरी पानी देने और गिरते भूजल स्तर उठाने का था। क्योंकि उतरी हरियाणा डार्क जोन हो चुका है।खासकर अम्बाला,यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जिले को इस नहर का बहुत लाभ था। 400 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने के बाद उत्तरी हरियाणा के गिरते भूजल स्तर को नया जीवनदान देने वाली इस परियोजना को रद्द करने से न केवल लाखों किसान परिवारों को सीधा नुकसान होगा, बल्कि पानी की कमी से जमीन में उर्वरता नहीं रहेगी।

विधायक ने कहा कि लगभग 58 फुट चौड़ी व 30 फुट गहरी इस नहर को पाटने(भरने) में किसान को प्रति एकड़ लगभग लाखो रुपये का खर्चा आएगा , जो जमीन की कीमत के बराबर है। इसके अलावा किसानों को पहले दिए जा चुके मुआवजे की राशि वापस करने के लिए किसान को लगभग 10 लाख से 20 लाख रुपये प्रति एकड़ सरकार को देने होंगे। परंतु आज किसान मुवावजा देने की स्थिति में नहीं है। किसान वर्ग पहले ही सरकार की गलत नीतियों के चलते हताश और निराश है और सरकार ने नहर को रद्द करके किसान को और मुसीबत में डाल दिया है। विधायक ने कहा कि भाजपा-जजपा की सरकार को किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए दादूपुर-नलवी की रद्द की गई योजना को पुन: चालू किया जाए ताकि अम्बाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र आदि जिलों में भू-जल के स्तर में सुधार आ सके।

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