एसडीएम प्रशांत देष्टा के प्रयासों को पंचायत प्रतिनिधियों ने सराहा
July 26th, 2020 | Post by :- | 34 Views

– कनाहण खड्ड की सफाई से बची ग्रामीणों की जमीन और घर, सरकार को मिला 9.99 का राजस्व

– हर साल पानी पानी घरों और खेतों में घुसने से होता था हजारों लोगों का नुकसान

– पंचायत प्रतिनिधियों ने उठाई बेरसन तक सफाई की अनुमति देने की मांग

बद्दी ! औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत कनाहण खड्ड की सफाई होने से जहां नदी किनारे सट्टे हजारों ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है वहीं पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने एसडीएम प्रशांत देष्टा के प्रयासों को सराहा है। तहसील प्रशासन के साथ साथ पंचायत प्रतिनिधियों ने वन विभाग के डीएफओ व जिला खनन अधिकारी का भी धन्यवाद किया। इस नदी की सफाई से जहां ग्रामीणों और किसानों का नुकसान होने से बचा है वहीं सरकार को नदी से निकले लघु खनिज की बोली पर 9.99 लाख का राजस्व भी प्राप्त हुआ है।
ग्राम पंचायत मझौली के प्रधान सुच्चा सिंह, ग्राम पंचायत प्लासी कलां के प्रधान अवतार सिंह व उपप्रधान राजेंद्र सिंह राजी ने बताया कि कनाहण खड्ड की सफाई होने से ढेरोवाल, सैणीमाजरा, बीड़ प्लासी तथा बेरसन के हजारों किसानों व ग्रामीणों को लाभ हुआ है। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि कनाहण खड्ड में बरसात के दिनों में पानी आने के कारण नदी रेत व मिट्टी से भर गई थी। जिसके चलते खड्ड का पानी किसानों के खेतों तथा घरों में घुस जाता था। जिस पर पंचायत प्रतिनिधियों ने एक प्रस्ताव डालकर एसडीएम प्रशांत देष्टा से नदी की सफाई की मांग की थी। जिस पर एसडीएम प्रशांत देष्टा की अनुमति के बाद आधा किलोमीटर नदी की सफाई की गई और नदी को गहरा करके किनारों पर रेत व मिट्टी का बांध लगाया गया, जिससे नदी का पानी किसानों के खेतों और घरों में न घुसे। नदी के सफाई के दौरान जो भी लघु खनिज वहां से निकला उसकी बोली खनन विभाग, वन विभाग व प्रशासन की देखरेख में करवाई गई और बेरसन स्टोन क्रैशर ने 9 लाख 75 हजार में लघु खनिज को खरीदा।
पंचायत प्रतिनिधियों ने एसडीएम प्रशांत देष्टा से मांग उठाई है कि बेरसन तक कनाहण खड्ड की सफाई की अनुमति प्रदान की जाए ताकि जो नदी का क्षेत्र साफ होने से रह गया है उसको भी साफ करवाया जा सके। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि नदी की सफाई से जहां सरकार को राजस्व प्राप्त हुआ है वहीं किसान और ग्रामीण भी हर साल होने वाले नुकसान से बचेंगे।

– ग्राम पंचायत मझौली व प्लासी कलां के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने प्रस्ताव प्रशासन के समक्ष रखा था, जिस पर प्रशासन ने ग्रामीणों को पानी से हो रहे नुकसान को देखते हुए कनाहण खड्ड की सफाई की अनुमति प्रदान की थी। नदी की सफाई के दौरान सरकार को राजस्व भी प्राप्त हुआ है। अगर पंचायत प्रतिनिधि आगे के क्षेत्र की सफाई की मांग करते हैं तो नियमों के तहत उनको अनुमति प्रदान की जाएगी।
—— प्रशांत देष्टा, एसडीएम नालागढ़।

– प्रशासन व वन विभाग की अनुमति के बाद ही कनाहण खड्ड की सफाई खनन विभाग की देखरेख में हुई है। यहां से जो लघु खनिज निकला उसकी बोली 9.75 लाख में हुई और टैक्स तथा रॉयलटी मिलाकर सरकार को 9 लाख 99 हजार 100 रूपय का राजस्व प्राप्त हुआ है। अगर ग्रामीण कनाहण खड्ड की और एरिया को साफ करने की मांग रखते हैं तो सरकार, संबंधित विभागों और प्रशासन के निमयों के तहत उन्हें अनुमति प्रदान की जाएगी।
—— कुलभूषण शर्मा, जिला खनन अधिकारी, सोलन।

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