खाजूवाला एवं पूगल में की विकास योजनाओं की समीक्षा
July 25th, 2020 | Post by :- | 200 Views

खाजूवाला (रामलाल लावा)  जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि पूगल और खाजूवाला क्षेत्र में मनरेगा के भ्रष्टाचार की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी । साथ ही खाजूवाला क्षेत्र में अवैध जिप्सम खनन के मामले की जांच खनिज अभियंता से करवाकर अवैध खनन को रोका जाएगा।
जिला कलेक्टर शनिवार को खाजूवाला और पूगल में आयोजित बैठक में दोनों क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे । उन्होंने पानी और बिजली और खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा की, और कहा कि तीनो ही काम जनता से सीधे जुड़े हुए है अगर इसमें किसी तरह की शिकायत पाई जाती है या सेवा में कोई कमी रहती है तो उसे त्वरित निस्तारण करे। उन्होंने विभिन्न विभागों के सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का फीडबैक लिया और कहा कि अधिकारी नियमित रूप से संपर्क पोर्टल को खोले और समस्याओं का निस्तारण समय पर करे। जो समस्याएं निस्तारण योग्य नहीं है उनको रद्द कर दे।
उन्होंने पूगल और खाजूवाला में कोविड – 19 के बारे में चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली और निर्देश दिये की खाजूवाला के कोविड सेंटरो में मरीजो को रखने की समूचित व्यवस्था हो, साफ सफाई रखे और रोगियों का खाना गुणवता पूर्ण हो, उन्होंने अस्पताल में मुख्यमंत्री दवा योजना की उपलब्धता के साथ सांप काटने के मरीज, मौसमी रोगो के बारे में भी जानकारी ली। आज जो खाजूवाला क्षेत्र के गांव मकेरी में जो बच्चा पाॅजीटिव मिला है उसके परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच करे साथी ही उसके मकान के आसपास और उसके क्षेत्र को जीरो मोबिलिटी घोषित करे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अधिकारी और उपखंड अधिकारी को एक टीम के रूप मंे कोविड को नियंत्रण की कार्रवाई करे। उन्होंने वृृताधिकारी खाजूवाला देवानन्द से क्षेत्र में कानून व्यवस्था की जानकारी ली।
जिला कलेक्टर ने खाजूवाला क्षेत्र में नहर किनारे खड़े पेड़ों की वजह से आंधी के दौरान नहर टूटने के मामलों पर कहा कि नहर किनारे लगे हुए पेड़ो की कटाई छंगाई करवाना सुनिश्चित करे नहर विभाग। उन्होंने आई.जी.एन.पी. के अभियंता से पूछा कि नहर किनारे कितने पेड़ है जिनकी छंगाई करवायी जानी है इसके बारे में पूरी रिपोर्ट तैयार करे।
उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत वन विभाग द्वारा मनरेगा के तहत करवाए जाने वाले कार्य समय पर पूर्ण करवाने के वन अधिकारी को निर्देष दिये। उन्होंने इस योजना के तहत विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्य को 23 अक्टूबर तक पूरे करवाने के निर्देश दिया। तथा विकास अधिकारी को निर्देश दिये की मनरेगा कार्यो पर ज्यादा से ज्यादा महिला मेट की नियुक्ति की जाए।
उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को योजनाओं की समीक्षा करते हुए ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये की खाजूवाला ब्लाॅक क्षेत्र की स्कूलों में सर्वे करवाकर ऐसे बच्चों का पता करे जिनके माता पिता नहीं है। इस बाबत पी.ई.ई.ओ. से प्रमाण पत्र ले कि उनके क्षेत्राधिकार की स्कूलो में एक भी बच्चा पालनहार योजना से वंचित नहीं है। उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एल. डी. पंवार ने बताया कि खाजूवाला ब्लाॅक में सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न पेंशनर्स की संख्या 21 हजार 3 सौ 77 है। 246 पालनहार के द्वारा 504 बच्चे लाभान्वित हो रहे है।
उन्होंने बिजली एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बिजली और पानी की सेवाएं नियमि रूप से आमजन को मिले, जिस क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बांधित होती है उस क्षेत्र में टेंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाए। विद्युत विभाग के अभियंता ने बताया कि थारूसर में एक नया जीएसएस बनाया जाना प्रस्तावित है उसके बन जाने पर विद्युत व्यवस्था में सुधार होगा।
जिला कलेक्टर ने क्षेत्र मंे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, सड़को के पेचवर्क, सड़क निर्माण के टेंडर एवं वर्क आॅडर आदि की भी समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की भी समीक्षा की, उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिन लोगों के दो राशन कार्ड बने होने के कारण आधार से लिंक नहीं हो पाए है उनकी छंटनी कर उन्हें आधार से लिंक करवाने के रसद विभाग के निरीक्षक को निर्देश दिये।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र पाल सिंह, खाजूवाला उपखंड अधिकारी मिथलेश कुमार, पुगल एसडीएम महेन्द्र सिंह यादव, प्रशिक्षु आईएएस कनिष्क कटारिया, विकास अधिकारी खाजुवाला रामचन्द्र मीणा, तहसीलदार विनोद कुमार, पूगल तहसीलदार सुरेश कुमार राव, वृताधिकारी खाजूवाला देवानन्द, कृषि अधिकारी छतरगढ़ रघुवर दयाल सुथार, अधिक्षण अभियंता जलदाय दीपक बंसल, अधिशाषी अभियंता जलदाय विजय वर्मा सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।
—–

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।