पर्यावरण संरक्षण हेतू राज्य में हर वर्ष 1100 गावों में लगाए जाएंगे पौधे : वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल
July 24th, 2020 | Post by :- | 42 Views

कैथल(लोकहित एक्सप्रेस विशाल चौधरी)हरियाणा के वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिवर्ष 1100 गांवों को पौधारोपण अभियान के लिए चयनित करके पौधा रोपण किया जाएगा, जिससे आगामी 5 सालों में हरियाणा प्रदेश हरा-भरा नजर आएगा। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि जहां प्रदेश में 3 प्रतिशत भूमि पर आरक्षित वन है और 7 प्रतिशत भूमि पर पेड़ पौधे लगे है। अब प्रदेश में 20 प्रतिशत भूमि पर वन विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरपंचों और आमजन का सहयोग लिया जाएगा। जब सभी मिलकर पौधारोपण का संकल्प लेंगे तो निश्चित ही इस लक्ष्य को सहजता से पूरा कर लिया जाएगा।
वन मंत्री कंवरपाल डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में चयनित 50 गांवों के सरपंचों से संवाद करने के दौरान बोल रहे थे। इससे पहले वन मंत्री कंवरपाल, विधायक लीला राम, प्रधान मुख्य वन सरंक्षक हरियाणा डा. अमरिन्द्र कौर, आईएफएस सीसीएफ अम्बाला जी रमन, जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर, वीसी श्रेयांशद्विवेदी, कॉलेज प्रिंसीपल ऋषिपाल बेदी ने कॉलेज परिसर में कोविड विजय वाटिका में पौधारोपण किया। इस कार्यक्रम से पहले वन मंत्री ने गांव छौत में बने स्वागत द्वार, शहीद भगत सिंह पार्क तथा गौरवपट का उद्घाटन भी किया। इसके साथ-साथ आरकेएसडी स्कूल में बने मुख्यद्वार का उदघाटन तथा बनने वाले ऑडिटोरियम का शिलान्यास किया।
वनमंत्री ने पौधारोपण अभियान के लिए चयनित किए गए 50 गांवों के सरपंचों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार प्रदेश में हर वर्ष पौधारोपण अभियान के लिए 1100 गांवों को चयनित किया जाएगा। इस वर्ष वन विभाग की तरफ से 1126 गांवों का चयन किया गया है, इन गांवों में पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य खाली पड़ी भूमि पर फलदार, औषधिय, छायादार और ऐसे पेड़ जिन पर पक्षी अपना घौंसला बना सके तथा अन्य प्रकार के पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 3 प्रतिशत भूमि पर ही आरक्षित वन है और निजी भूमि को मिलाकर कुल 7 प्रतिशत भूमि पर पेड़ पौधे और वन विकसित किए गए है। अब सरकार ने 20 प्रतिशत भूमि पर आने वाले 5 सालों में वन विकसित करने का निर्णय लिया है। इस कार्य को अकेला वन विभाग किसी भी कीमत पर पूरा नहीं कर पाएगा, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरपंचों और आमजन के सहयोग की निहायत जरुरत है।
वनमंत्री ने कहा कि वन विभाग की तरफ से 1 करोड़ 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए आम आदमी को वन विभाग के साथ मिलकर कार्य करना होगा। पुराने समय में लोग पेड़-पौधों से बहुत लगाव करते थे और उनकी देखभाल भी करते थे, इस वर्ष जिन 1126 गांवों में पौधे लगाए जाएंगे, उन गांवों में पौधो का पालन-पोषण करने के लिए वृक्ष मित्र भी नियुक्त किए जाएंगे। इस वर्ष प्रयास किया जाएगा कि फलदार, छायादार और ऐसे पौधे लगाएं जिनपर पक्षी अपना घौंसला बना सके ताकि पक्षी प्रजनन कर सके, यह पौधे लम्बे समय तक वातावरण को शुद्घ करते रहेंगे और मनुष्य को अधिक मात्रा में जीवनदायिनी आक्सीजन देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सरपंचों के सहयोग के बिना वन विभाग अकेला कुछ नहीं कर पाएगा, सभी को मिलकर काम करना है और लक्ष्य को हासिल करना है, जिस-जिस गांव में सरपंच पौधे लगाएंगे, उस सरपंच का नाम हमेशा याद रखा जाएगा। सभी को पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढऩा है ताकि हर व्यक्ति के जहन में केवल एक ही लक्ष्य हो मेरा देश-मेरा गांव हरा-भरा और सुरक्षित रहे। विधायक लीला राम ने कहा कि पौधारोपण करके हम धरा को हरा-भरा कर सकते हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे सकते हैं। प्रजातंत्र की मजबूत ईकाई जन प्रतिनिधि इस कार्य में बढ-चढ कर सहयोग करें। हम सभी को पौधे लगाकर उनका पालन पौषण भी करना होगा। हमारे लगाए हुए पौधे बड़े होंगे तो पर्यावरण भी शुद्घ होगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षण डा. अमरिन्द्र कौर ने कहा कि इस वर्ष कोविड-19 बिमारी के चलते औषधिय पौधों को रोपित करने पर बल दिया गया है। प्रदेश के चयनित गांवों में कोविड वाटिका भी स्थापित करने की योजना है, जिसके तहत कचनार, तुलसी, बेल पत्थर, इमली, जमाओ, हरड़, बेहड़ा व नीम इत्यादि के पौधे भी लगाए जाएंगे। जिला वन मंडल अधिकारी राजीव तेजियान ने मेहमानों का स्वागत किया। इस अवसर पर अमरनाथ भगत, सरपंच विरेंद्र सिंह, रामकुमार नैन, दलरे राठी, नरेश मित्तल, रामेश्वर मानस, हरेंद्र चट्ठा, कर्मबीर छौत, रामफल टीक, सुनील कुमार, राजू भानपुरा, दिलबाग, सतीश सिरटा, पप्पी राठी, रमेश कुमार, ईशम सिंह, प्रशासन की ओर से नगराधीश सुरेश राविश, एमडी शुगर मिल जगदीप सिंह, डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह, बीडीपीओ फूल सिंह आदि मौजूद रहे।

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