आशा वर्कर के प्रतिनिधि मंडल ने सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा
July 24th, 2020 | Post by :- | 18 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  नूह जिले की आशा वर्कर इन दिनों परेशान हैं। परेशानी की वजह उनकी मांगों पर सरकार का गम्भीर नही होना है। शुक्रवार को आशा वर्कर के प्रतिनिधि मंडल ने सिविल सर्जन डॉक्टर जेएस पुनिया से मुलाकात की और उनको ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन सिविल सर्जन के माध्यम से मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा को भेजे गए ज्ञापन में आशा वर्कर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया , तो आगामी अगस्त माह में तीन दिवसीय 7 – 9 अगस्त तक आशा वर्कर हड़ताल पर रहेंगी । पत्रकारों से बातचीत के दौरान आशा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कोविड-19 के लिए आशा वर्करों को जो 1000 रुपये का इंसेंटिव दिया जा रहा है , उसे तब तक जारी रखा जाए जब तक कोविड-19 का काम उन से लिया जा रहा है। साथ ही इंसेंटिव का सरकार द्वारा 50 फीसदी तुरंत जारी करना चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि जो आशा या उनका परिवार संक्रमित हो जाता है। उसका इलाज सरकार द्वारा किया जाना चाहिए , साथ ही उनको उचित आर्थिक सहायता भी दी जानी चाहिए। इसके अलावा आशा वर्कर ने कहा कि जो 4000 रुपये प्रति माह उनको मानदेय मिलता है । कोविड-19 भत्ते के तौर पर उसे दोगुना किया जाना चाहिए । सभी आशाओं को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके अलावा भी कई मांगे आशा वर्कर ने हरियाणा सरकार व स्वास्थ्य विभाग से की है। अब देखना यह है कि आशा वर्कर की मांग पर स्वास्थ्य विभाग व सरकार किस कदर गंभीर दिखाई देती हैं या फिर कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही आशा वर्कर हड़ताल करने को मजबूर होती हैं । अगर हड़ताल की नौबत आती है , तो कोरोना से निपटने में स्वास्थ्य विभाग को पसीने आ सकते हैं।

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