किसान विरोधी तीनो अध्यादेशो को वापिस ले भाजपा सरकार :- वरुण चौधरी
July 20th, 2020 | Post by :- | 27 Views

अंबाला , मुलाना ( गुरप्रीत सिंह )

भाजपा सरकार की वजह से पिछले छः साल से किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गये हैं। सरकार किसानों के हित पर ध्यान ही नहीं दे रही है। एक तो किसानों को उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल रही है ऊपर से सरकार रोज किसान विरोधी अध्यादेश पारित कर रही है।जिससे किसान को खेती करना मुश्किल हो गया है।ये बात हल्का मुलाना विधायक वरुण चौधरी ने कही।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो तीन अद्यादेश 1.एसेंशियल एक्ट 1955 में बदलाव, 2.कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग,3.फॉर्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) ऑर्डिनेंस ला रही ही है वह किसी भी तरह से किसानों के पक्ष में नही है।यदि यह अद्यादेश किसान के पक्ष में होते तो हरियाणा प्रदेश का किसान इसका विरोध क्यों करता।सरकार कहती है,किसानों के हक में फ़ैसला है,और किसान सड़कों पर विरोध कर रहे हैं।सरकार क्यों धक्का कर रही है।विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार की एसेंशियल एक्ट 1955 में बदलाव की नीति से किसानों को नुकसान होगा।हमारे प्रदेश में अधिकतर लोग खेती से जुड़े लघु किसान हैं, किसानों के पास लंबे समय तक भंडारण की व्यवस्था नहीं होती है यह अध्यादेश बड़ी कम्पनियों द्वारा कृषि उत्पादों की कालाबाज़ारी के लिए लाया गया है। कम्पनियाँ और सुपर मार्केट अपने बड़े-बड़े गोदामों में कृषि उत्पादों का भंडारण करेंगे और बाद में ऊंचे दामों पर ग्राहकों को बेचेंगे। इस बदलाव से कालाबाजारी घटेगी नहीं बल्की बढ़ेगी। जमाखोरी बढ़ेगी। और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग अध्यादेश के तहत किसान अपनी ही जमीन पर मजदूर बन के रह जायेगा।”फॉर्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) ऑर्डिनेंस के फैसले से मंडी व्यवस्था ही खत्म हो जायेगी। इससे किसानों को नुकसान होगा और कॉरपोरेट और बिचौलियों को फायदा होगा।
विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि सरकार अपने लाए गए किसान विरोधी इन अध्यादशो को वापिस ले किसान को इस माहामारी में राहत प्रदान करे।और किसानों की फ़सल सीधे मंडियों से खरीदे व किसान की पेमेंट आढ़तियों के माध्यम से ही करवाए।और प्रदेश में बढ़ी तेल की कीमतों में कटौती कर किसान वर्ग व आम आदमी को भी राहत प्रदान करें।

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