बकरीद पर इस बार बकरों की डिमांड कम
July 19th, 2020 | Post by :- | 24 Views

नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  । मुसलमानों का पवित्र ईद उल अजहा का पर्व नजदीक है । बकरा ईद के इस पवित्र मौके पर मुसलमान बढ़-चढ़कर बकरा इत्यादि पशुओं की कुर्बानी करते हैं। बकरा ईद के आने का बकरा पालने वाले पशुपालक बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं । बकरा बेचकर व्यापारी अच्छी खासी आमदनी कर लेते हैं , लेकिन इस बार उनके चेहरे लटके हुए हैं । कोरोना महामारी की वजह से बकरा खरीदने वाले लोग कम ही नजर आ रहे हैं , इसीलिए बकरों की डिमांड कम है और उन्हें औने – पौने दामों में बेचा जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि बकरा ईद से कुछ दिन पहले दिल्ली , मुंबई , कोलकाता इत्यादि बड़े शहरों में जो मंडिया लगती थी । कोरोना की वजह से इस बार मंडियां भी नहीं लग रही हैं। जिसकी वजह से बड़ी संख्या में बकरों को ले जाना संभव नहीं है । ऐसे में बकरा पालने वाले लोग इक्का-दुक्का करके बकरों को बेच रहे हैं । बकरा पालने वाले लोगों से जब हमारी टीम ने बातचीत की तो उनका दर्द जबान पर आ गया। उन्होंने कहा कि जो बकरा हर बकराईद पर 30 – 40 हजार रुपये में बिकता था , वह इस बार 15 – 20 हजार में बिक रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में बकरा खरीदने वाले लोग नहीं हैं। कोरोना की वजह से लोगों का कामकाज छूट गया है । उनके पास धन की भी कमी है और रही – सही कसर मंडियों में बकरा बेचने की अनुमति नहीं मिलने से पूरी हो रही है । ऐसे में बकरा पालने वाले सैकड़ों लोग इस बार हताश व निराश हैं। नूह जिले में बहुत से लोग बकरा पालन का काम करते हैं और राजस्थान से कई नस्ल के बकरे खरीद कर लाते हैं। साल भर उन्हें पालते हैं , उनको महंगा खाना खिलाते हैं और तब बकरा ईद की कुर्बानी के लिए उनको तैयार करते हैं , लेकिन इस बार खरीददार नहीं होने से उनके चेहरे मुरझाए हुए हैं।

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