श्रीमद भागवत कथा सुनने मात्र से व्यक्ति हो जाता है भवसागर से पार: देवी देवकी
September 9th, 2019 | Post by :- | 177 Views

 

होडल,  (मधुसूदन): कथा व्यास देवी देवकी (शाण्डिल्य) ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन में व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करें। अन्यथा यह कथा केवल कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी। भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शंाति व मुक्ति मिलती है। इसलिए सदगुरु की पहचान कर उनका अनुकरण एवं निरंतर हरि  स्मरण करते रहना चाहिए। देवी देवकी रेलवे रोड गिरधारी डेरी के निकट कालोनी वासियों द्वारा आयोजित कथा के पांचवे दिन श्रोताओं को कथा सुना रहीं थीं। देवी देवकी ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होते हैँ और प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, वहीं कलियुग में श्रीमद भागवत कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। आयोजित कथा में देवी देवकी ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि रासलीला के दर्शन करने के लिए भगवान शिवजी को भी गोपी का रूप धारण करना पड़ा। देवी देवकी ने श्रोताओं से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर भगवान संकीर्तन और सत्संग कथा के लिए प्रेरित करें। भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा  गोर्वधन पर्वत उठाए जाने की झांकी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड उमड पडी। बुधवार 11 सितम्बर को हवन यज्ञ के साथ कथा का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर गिरधारीलाल,धर्मबीर बिंदल,सुरेश गुप्ता,प्रकाश गोयल, उदयभान पंखीया, रमनलाल, प्रभू, श्यामलाल, बिजेंद्र सिंगला, राजू पंखीया, भूषण बिंदल सहित सैंकडों महिला पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे।

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