मुख्यमंत्री का युवाओं से आह्वान, कहा इस संकट के समय से उभरने के लिए इस स्थिति को एक अवसर में बदल कर दें राष्ट्र निर्माण में योगदान।  
July 13th, 2020 | Post by :- | 160 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 13 जुलाई :- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं को अपने जीवन में उत्साह और जोश पर हावी न होने दें, बल्कि इस संकट के समय से उभरने के लिए इस स्थिति को एक अवसर में बदलना होगा और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ”कोविड -19 चुनौतियां और अवसर” थीम पर आयोजित वेबिनार ”मुख्यमंत्री के साथ मंथन” में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन यूथ फॉर न्यू हरियाणा द्वारा किया गया था। वेबिनार में राज्य, देश तथा विदेशों से सभी क्षेत्रों के 400 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिसमें चिकित्सा, कानून, उद्योग जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ शिक्षाविद, पर्यावरणविद्, किसान और छात्र भी शामिल थे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं को अपने जीवन में उत्साह और जोश पर हावी न होने दें, बल्कि इस संकट के समय से उभरने के लिए इस स्थिति को एक अवसर में बदलना होगा और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ”कोविड -19 चुनौतियां और अवसर” थीम पर आयोजित वेबिनार ”मुख्यमंत्री के साथ मंथन” में बोल रहे थे।  प्रतिभागियों ने कोविड-19 से निपटने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य बेहतर स्थिति में है। प्रतिभागियों ने अपने सुझाव और प्रतिक्रियाएं भी दी और सरकार से इस कोरोना चुनौती को पार करने के लिए और अधिक अभिनव व मजबूत उपाय करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर संकट एक अवसर भी अवश्य लेकर आता है और राज्य सरकार ने पूर्व-कोविड और पोस्ट-कोविड दोनों ही परिदृश्यों में बहुत सी नई पहलें की हैं। इसके साथ ही उन्होंने आगामी योजनाओं और नीतियों के बारे में भी जानकारी दी। कोविड-19 संकट के बाद राज्य भर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र शैक्षणिक रूप से प्रभावित न हो इसके लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों के लिए विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों और टेलीविजन के माध्यम से 70 लाख छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है, जबकि हरियाणा की जनसंख्या देश की जनसंख्या का केवल 2 प्रतिशत है। इसके अलावा, हरियाणा ने न केवल कृषि क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन किया है, बल्कि एक खेल हब के रूप में भी विकसित हो रहा है और औद्योगिक क्षेत्र में भी एक प्रमुख पहचान बनाई है।

सामाजिक समरसता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए राज्य सरकार के कदमों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईचारे की भावना को बढ़ाते हुए हमने ‘हरियाणा एक हरियाणवी एक’ का नारा दिया था और प्रदेशवासियों को समाज के विकास के लिए जातिवाद को खत्म करने में मदद करने का आग्रह किया था। मुझे खुशी है कि लोगों ने इसे समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान  युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन स्थानांतरण नीति ने भ्रष्टाचार को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कुशल और रोजगारपरक बनाने के लिए प्रदेश में अपनी तरह का पहला श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। इसके अलावा, राज्य के बेरोजगार युवाओं को सहयोग प्रदान करने के लिए भी सक्षम योजना शुरू की गई, जिसके तहत युवाओं को 100 घंटे के काम के लिए 9 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को भूमि के साथ जल विरासत में देने के लिए जल संरक्षण के उद्देश्य से फसल विविधीकरण के तहत मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत, फसल विविधीकरण को अपनाने वाले किसानों को सरकार की ओर 7 हजार रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि अब तक किसान 1,22,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें उगाने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं, जबकि वास्तविक लक्ष्य एक लाख हेक्टेयर था। कोविड-19 संकट से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी की मदद से राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे इसके लिए जिन लोंगों के पास राशन कार्ड नहीं थे ऐसे लोगों को डिस्ट्रेस राशन टोकन (डीआरटी) वितरित कर उन्हें राशन उपलब्‍ध करवाया गया। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में राज्य सरकार द्वारा किए गए आह्वान पर डॉक्टर और पैरामेडिक्स सहित 70,000 स्वयंसेवक समाज सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

यूथ फॉर न्यू हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष दामोदर भारद्वाज

 

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