20 साल से बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों को पदों पर भर्ती का इंतजार
July 9th, 2020 | Post by :- | 34 Views

– रोजगार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लगाई गोहार…

बददी ! औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में गुरुवार को बेरोजगार शारीरिक शिक्षक को बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में बीबीएन के बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने भाग लिया और रोजगार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गोहार लगाई है। बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने कहा कि हमने 2000-2001 में अपनी फिजिकल एजुकेशन की डिग्री हासिल कर ली थी और उस समय से लेकर आज तक हम सरकार की तरफ से रोजगार का इंतज़ार कर रहे है। हमें मिला तो सिर्फ आश्वासन ओर कुछ नही। बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों के साथ जो रवैया सरकार ने अपनाया हुआ है, उससे बेरोजगार शिक्षक निराश हैं। हर जिले के प्रत्येक छोटे स्कूल में शारीरिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। प्रदेश में प्रशिक्षित बेरोजगारों की कमी है यह भी कारण नहीं है, लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सरकार बेरोजगार शिक्षकों को कोई रोजगार नहीं दे रही है।

सरकार ने शारीरिक शिक्षकों का एक भी पद नहीं भरा है। जबकि अन्य शिक्षकों के पद भरे जा रहे हैं। ऐसा कोई राज्य नहीं है जहां शिक्षकों की भर्ती न हुई हो सभी राज्यों में शारीरिक शिक्षकों की लगातार भर्ती हो रही है। इसका शिक्षा का अधिकार कानून के तहत राज्य में खेलकूद सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन सहित अनुशासन बनाए रखना अधिक शिक्षा के कार्य क्षेत्र होता है। लेकिन प्रदेश में सहायक शिक्षकों को लंबे अरसे से भर्ती नहीं हुई है। इससे खिलाड़यिों को सही प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। सारे सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के अभाव के कारण बच्चों के खेल गतिविधियों को सीखने में काफी समस्या आ रही है। सरकार ने अभी हाल ही में 2000 पदों को भरने की घोषणा की और इससे पहले भी कई बार सरकारें घोषणा कर चुकी है पर अभी तक पिटी का कोई भी पद भरा नही गया है।

शारीरिक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शारीरिक शिक्षकों के पदों की भर्ती करने की घोषणा की जाए। इस मौके पर प्रेम चंद, मनसा राम, महिंद्र कुमार, मनमोहन, महिंद्र प्रकाश, बलजीत, राजेन्द्र कुमार, धर्मपाल, मेहर चंद, रामप्रताप, धनीराम, गुरबक्श, रणजीत कुमार, परमानंद सहित अन्य बेरोजगार शारीरिक शिक्षक उपस्तिथ रहें।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।