शिक्षा दूत मोहल्ला पाठशाला से लाएंगे मेवात की शिक्षा में क्रांति – अनूप सिंह जाखड़
July 9th, 2020 | Post by :- | 84 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  मेवात की शिक्षा में शिक्षा दूत मोहल्ला पाठशाला के माध्यम से क्रांति लाएंगे । शिक्षा दूत कोविड 19 के चलते शिक्षा में आ रहे गेप को भरने का कार्य करेंगे। उक्त कथन जिला शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ ने बीवां गांव में शिक्षा दूत कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए शिक्षा दूतों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि मेवात के हर पढ़े – लिखे युवा को शिक्षा दूत बनकर अपने गली मोहल्ले में स्कूली बच्चों को शिक्षित करने के कार्य के लिए आगे आना चाहिए। बीवां के युवाओं और अध्यापकों नाज़िम आज़ाद व कुसुम मलिक ने मेवात में ये शुरुआत करके नए युग का सूत्रपात किया है । जिला शिक्षा अधिकारी ने मेवात कारवां जन संगठन के अध्यक्ष डॉ अशफाक आलम व उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेवात कारवां ने हमेशा ही शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्य किया है। चाहे वो जीरो ड्राप आउट मिशन हो या शिक्षा दूत मोहल्ला पाठशाला की योजना हो । सभी में मेवात कारवां के युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 30 शिक्षा दूतों को माला पहनाकर मोहल्ला पाठशाला शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना से लगभग 6 गांवों के 30 युवा जुड़े । उक्त युवा अपने अपने गांव में अपने मोहल्लों में मोहल्ला पाठशाला चलाएंगे। इस योजना से जुड़े जन संगठन मेवात कारवां के अध्यक्ष डॉ अशफाक आलम ने बताया कि इस योजना को इसी माह लगभग 50 गांवों में शुरू करेंगे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ द्वारा चलाये जाने वाले कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेवात कारवां जिला शिक्षा विभाग के हर उस कदम के साथ है , जिससे मेवात की शिक्षा का भला हो। मेवात की प्रथम स्नातक महिला मोहम्मदी बेगम ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मेवात की शिक्षा के लिए शिक्षा दूत संजीवनी का कार्य करेंगे। कोरोना के कारण देश भर में जहां स्कूल बंद हैं। ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ और उनकी टीम मेवात के बच्चों को शिक्षित करने की योजना बना रहे हैं । रसायन शास्त्र प्रवक्ता कुसुम मलिक ने शिक्षा दूतों को संबोधित करते हुए कहा कि बीवां गांव से शुरू हुई ये क्रांति जल्द ही सारे प्रदेश में अपनी रोशनी बिखेरेगी और एक नया इतिहास बनेगा । कार्यक्रम के आयोजक नाज़िम आज़ाद ने जिला शिक्षा अधिकारी का धन्यवाद करते हुए कहा कि मेवात के अंतिम गांव से इस योजना की शुरुआत करके जिला शिक्षा विभाग ने ये संकेत दिया है कि अंतिम बच्चे तक तालीम की रोशनी पहुंचाने के लिए समस्त शिक्षा विभाग प्रयासरत है । इस अवसर पर प्रधानाचार्य फनेन्द्र गुप्ता , अध्यापक अमर चन्द , इस्माइल , शमशुद्दीन , लोकेश , शिक्षा दूत एम डी इरफान , ईसब खान , शाकिर हुसैन , इरफान मलिक , अंजुम इरफान मलिक , आसिफ , वसीम सैफी , बरकत मलिक , अरसद , अर्जुन , खालिद , किफ़ायतुल्ला सहित दर्जनों शिक्षा दूत व ग्रामीण उपस्थित थे,
क्या है शिक्षा दूत :- शिक्षा दूत योजना की शुरुआत जिला शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ के सृजनात्मक दिमाग की उपज है । इस योजना के मुताबिक गांव के पढ़े – लिखे युवाओं को शिक्षा दूत के रूप में नामित किया जायेगा , जो स्वयं सेवी के रूप में अपने आसपास के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य करेंगे। कोविड महामारी के बाद जब स्कूल खुल जाएंगे तो यही युवा स्कूलों में ड्राप आउट को कम करने व दूसरे शैक्षिक कार्यो में स्कूल और प्रशासन की मदद करेंगे। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इससे विभाग पर एक भी रुपये का बोझ नहीं पड़ेगा और गांव ने शैक्षिक माहौल बनेगा।

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