बड़ौदा विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए हरियाणा सरकार को आई बेरोजगारों की याद – सुधा भारद्वाज पंचकूला
July 9th, 2020 | Post by :- | 119 Views

पंचकूला।(मनीषा) हरियाणा महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष  सुधा भारद्वाज का कहना है  कि राज्य के मुख्यमंत्री एवं उनका मंत्रिमंडल  एक बार फिर  प्रदेश के युवाओं को नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फ़ीसदी आरक्षण देने की बात कर गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एवं पूरा मंत्रिमंडल युवाओं को महज इसलिए गुमराह कर रहा है क्योंकि बड़ौदा उपचुनाव में उसे वहां की जनता खासकर युवा वर्ग एवं किसान वर्ग का सामना करना पड़ेगा। इसलिए मुख्यमंत्री अब इस तरह की बातें कर युवाओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं । आज यहां जारी एक बयान में है सुधा भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में नौकरियां ही नहीं है और जिनके पास नौकरियां हैं सरकार उनकी नौकरियां छीनने का प्रयास कर रही है ऐसे में नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण की बात करना बेमानी है। जब निजी क्षेत्र में नौकरियां ही नहीं बची हैं तो 75 फीसदी आरक्षण कहां से देंगे। उन्होंने कहा  यह सब बरोदा विधानसभा के उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए  किया जा रहा है। इसीलिए हरियाणा कैबिनेट की सोमवार की बैठक में सरकार ने इसके लिए अध्यादेश लाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गठबंधन सरकार में शामिल जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) का यह चुनावी वायदा था। इस पार्टी ने सत्ता में आने के तुरंत बाद निभाने का वादा किया था।
हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष  सुधा भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ रही है। निजी क्षेत्र में नई नौकरियां बची ही नहीं हैं और कोविड-19 व लॉकडाउन के बाद काफी बड़े पैमाने पर सालों से काम कर रहे लोगों को निकाला गया है। जिसके गवाह सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनोमी के ताजा आंकड़े  हैं। उन्होंने इस पर भी सवाल उठाया कि 75 फीसदी आरक्षण का प्रावधान निजी क्षेत्र की 50 हजार से ज्यादा मासिक वेतन वाली नौकरियों पर क्यों नहीं लागू होगा। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि के औद्योगिक उद्देश्यों के इस्तेमाल के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन अनुमति टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग देता है और इसके अंदर वैसे ही प्रावधान है कि तकनीकी कार्य को छोडक़र 75 फीसदी रोजगार हरियाणा के डोमिसाइल निवासियों को दिए जाएं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार अमल सुनिश्चित क्यों नहीं करती खाली बातें करने से बात नहीं बनती।

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