शिक्षा विभाग के नौ कर्मचारी मिले पॉजिटिव, इंजीनियरिंग विभाग के कर्मियों में फैली दहशत
July 9th, 2020 | Post by :- | 39 Views

यूटी प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग कर्मचारियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जबकि कर्मियों में दहशत फैली हुई है। सेक्टर-9 स्थित एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग में कोरोना का पॉजिटिव केस मिलने के बाद शिक्षा विभाग के सभी दफ्तरों को बंद कर दिया गया है। इंजीनियरिंग विभाग का दफ्तर भी उसी फ्लोर पर है लेकिन इंजीनियरिंग विभाग ने अब तक अपने दफ्तर को बंद करने के आदेश जारी नहीं किए हैं।

मंगलवार को डर की वजह से एडीशनल डीलक्स बिल्डिंग में काम करने वाले इंजीनियरिंग विभाग के सभी कर्मचारियों ने छुट्टी कर ली। इंजीनियरिंग विभाग के डिवीजन में काम करने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग को अपने लोगों की कोई फिक्र नहीं है। कई विभागों में काफी समय से पब्लिक डीलिंग का काम चल रहा था। न जाने कितने लोगों ने दफ्तरों के चक्कर लगाए हैं लेकिन आधिकारिक तौर पर विभाग के मुखिया न जाने क्यों कोई भी आदेश जारी करने से बच रहे हैं।

यूटी सचिवालय में इंजीनियरिंग विभाग के कई डिवीजन, सर्किल व वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं। सचिवालय में पब्लिक हेल्थ नंबर 1 का डिवीजन, सीपी डिवीजन, पब्लिक हेल्थ सर्किल, इलेक्ट्रिकल सर्किल, इलेक्ट्रिसिटी सर्किल, बी एंड आर सर्किल 1 व 2 समेत चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद व अन्य अधिकारी बैठते हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग विभाग का हेड ऑफिस यूटी सचिवालय में हैं, ऐसे में दिनभर कर्मचारियों का वहां आना-जाना लगा रहता है।

लापरवाही से सरकारी दफ्तरों में फैला कोरोना
यूटी प्रशासन के सरकारी दफ्तरों में कोरोना वायरस फैल रहा है। इससे दफ्तर जाने वाले सभी कर्मचारियों के मन में दहशत फैल गई है। ऐसी स्थिति लापरवाही की वजह से बनी है। प्रशासन ने सभी विभागों के बाहर सैनिटाइजर के इस्तेमाल और थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य किया था।

शुरू के कुछ दिनों तक इन आदेशों का पालन हुआ लेकिन अब जो लोग अधिकारियों से मिलने पहुंचते हैं उनकी थर्मल स्क्रीनिंग नहीं होती है। सैनिटाइजर्स भी महज शोपीस बनकर रह गए हैं। प्रशासन ने आदेश जारी किये थे कि अति आवश्यक हो तभी 100 फीसदी कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया जाए लेकिन प्रशासन के लगभग सभी विभागों में 100 फीसदी कर्मचारी काम कर रहे हैं। जनता के संपर्क में आने वाले दफ्तरों में गाइडलाइन का पालन भी नहीं हो रहा है।

यूटी सचिवालय में नहीं होती थर्मल स्क्रीनिंग
यूटी सचिवालय समेत लगभग सभी सरकारी दफ्तरों में बगैर जांच और सैनिटाइजेशन के उपभोक्ताओं का कर्मचारियों से संपर्क हो रहा है। उदाहरण के तौर पर यूटी सचिवालय में जिस गेट से एडवाइजर समेत सभी विभागों के सेक्रटरी गुजरते हैं, वहां भी कर्मचारियों और विजिटर्स की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं होती है।

थर्मल स्क्रीनिंग की मशीन लेकर युवक कुर्सी पर बैठा रहता है और लोग आसानी से आते और जाते हैं। शुरू के दिनों में सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जाती थी लेकिन अनलॉक 1.0 के बाद से इसमें ढिलाई बरती गई। गेट पर सैनिटाइजर का एक स्टैंड रखा गया है लेकिन लोग उसका इस्तेमाल किये बिना ही आगे बढ़ जाते हैं। वहां कई पुलिसकर्मी बैठे होते हैं लेकिन कोई भी सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं करने वाले को रोकता नहीं है।
जिस तरह से प्रशासन के 15 विभागों ने अपने कर्मचारियों को रोटेशन पर बुलाया है और उसके लिए रोस्टर जारी किया है। उस तरह से इंजीनियरिंग विभाग को भी कर्मचारियों को रोटेशन से बुलाना चाहिए। संक्रमण फैले इससे पहले विभाग को फैसला लेना चाहिए।
– बलविंदर सिंह, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ सबार्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन (यूटी)

सभी की स्क्रीनिंग होगी
शिक्षा विभाग में आए केस से सभी चिंतित हैं। आज मैंने अधिकारियों से बातचीत की है। 50 प्रतिशत कर्मचारी बुलाने समेत कई विकल्पों पर चर्चा हुई है लेकिन प्रशासन के कई काम पिछले कई महीनों से लंबित है। फिर भी एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग में काम करने वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
– मनोज परिदा, एडवाइजर

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