SMC को बार-बार सेवा विस्तार देने से कार्यरत अध्यापकों का नहीं हो रही पदोन्नति
July 8th, 2020 | Post by :- | 1694 Views

ज्ञान चंद ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में केस नंबर 1728 में सी एम पी दर्ज करवाई है,ओर कहा है कि एसएमसी DPE होने के कारण विभाग पीटीआई की प्रोमोशन नहीं कर रहा है,
लोकहित एक्सप्रेस (हिमाचल):-हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में कार्यारत शरीरक शिक्षा अध्यापक श्री ज्ञान चंद ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि एस. एम. सी शिक्षकों को वार वार विस्तार देने से उसकी प्रोमोशन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता रहा है/ यह सभी शिक्षक एस. एम. सी पालिसी के तहत रखे गए थे जिसमें यह प्रावधान था कि जैसे ही नियमित शिक्षक उनके स्थान पर आऐगा इन शिक्षकों की सेवाऐं अपने आप समाप्त हो जाएंगी/इस पालिसी में यह भी प्रावधान किया कि गया था कि अगले शैक्षणिक स्तर में हर साल नया सैलैकशन प्रासैस होगा और पहले से तैनात एस. एम. सी शिक्षक को किसी भी सूरत में सेवा विस्तार नहीं दिया जाऐगा/ सरकार इन शर्तों के विपरीत एस. एम. सी शिक्षकों को 2012 से हर साल विस्तार दे रही है जिससे मेरी प्रोमोशन नहीं हो रही है/
स्मरण रहे ये सब कुछ सरकार के दोहरे रवये के कारण हो रहा है।एक तरफ सरकार एसएमसी को स्टॉप गैप अरेंजमेंट्स का नाम बताती है ओर दूसरी तरफ एसएमसी पर लगे स्टे को हटाने के लिए अर्जी भी कोर्ट में लगती है,वहीं दूसरी ओर पी आई एल 157 में यही सरकार रेगुलर भर्ती करने का शपथ पत्र दायर करती हैं। सरकार ने एसएमसी पर 793 लेक्चरर अपॉइंट कीयॅ है जिस कारण टीजीटी की प्रोमोशन पर भी खतरा है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।