चंडीगढ़ : थम रहा कोरोना का कहर, सातवीं, मोहाली में छठी मौत
July 8th, 2020 | Post by :- | 33 Views

चंडीगढ़  :   ट्राइसिटी में कोराना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को कोरोना से जहां दो लोगों की मौत हो गई, वहीं 13 नए संक्रमित पाए गए। मृतकों की पहचान चंडीगढ़ सेक्टर-16 निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग और खरड़ निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग के रूप में हुई है। इसके साथ ही चंडीगढ़ में कोरोना से मरने वालों की संख्या सात जबकि मोहाली में कोरोना से यह छठी मौत है। वहीं, 13 नए संक्रमितों में चंडीगढ़ और मोहाली के 5-5 और पंचकूला के 3 मरीज शामिल हैं।

चंडीगढ़ सेक्टर-16 निवासी 80 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव मरीज को 11 जून को गंभीर स्थिति में पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के साथ ही बुखार, हाई ब्लड प्रेशर, निमोनिया, सेप्टिक शॉक और कार्डियक प्रॉब्लम की शिकायत थी।

चिंता की बात यह है कि चंडीगढ़ में कोरोना से जिन सात मरीजों की मौत हुई है, उनमें चार वृद्ध थे। मृतक के परिवार के पांच अन्य सदस्यों में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसमें उनका एक बेटा और उसके दो बच्चे व घर की दो महिलाएं शामिल हैं। इस परिवार की सेक्टर-16 में दवा की एक दुकान भी है, जहां काम करने वाले तीन कर्मचारी भी इस परिवार के संपर्क में आकर पॉजिटिव हुए थे। जब स्वास्थ्य विभाग ने इस परिवार के पांचों सदस्यों को सूद धर्मशाला में क्वारंटीन किया तो उन्होंने विरोध जताते हुए खुद को होम क्वारंटीन करने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग ने वृद्ध की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई शिफ्ट कर दिया जबकि बाकी परिवार के सदस्यों को होम क्वारंटीन कर दिया था। यह सभी लोग एसिम्टोमैटिक थे और अब सभी ने होम क्वारंटीन पीरियड पूरा कर लिया है। वहीं, चंडीगढ़ में मंगलवार को मिले 5 नए मरीजों में सेक्टर-40 की 35 वर्षीय महिला, सेक्टर-42 का 24 वर्षीय युवक, सेक्टर-32 की 49 वर्षीय महिला और 14 साल की किशोरी के अलावा सेक्टर-52 निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं।

यह पांचों मरीज भी अपने परिवार में पॉजिटिव सदस्य के संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं। कोरोना के 5 नए मामलों के मिलने के बाद शहर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 492 हो गई है। वहीं एक दिन पहले बहलाना में पॉजिटिव मिले मरीज के परिवार के दो सदस्यों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनकी दोबारा जांच के लिए नमूना लिया गया है। इसके अलावा सेक्टर-21 के भी पॉजिटिव परिवार के 8 सदस्यों में से 6 की रिपोर्ट निगेटिव आई है और 2 सदस्यों के सैंपल दोबारा जांच को भेजे गए हैं।

उधर, खरड़ में कोरोना से मंगलवार को जिस बुजुर्ग की मौत हुई, वह कुछ दिनों से बीमार थे और मोहाली के निजी अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को ही उनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उन्हें पटियाला शिफ्ट कर दिया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग की अस्पताल में सर्जरी भी हुई थी।

मृतक का अंतिम संस्कार बुधवार को कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक किया जाएगा। इसी के साथ मोहाली जिले में अब तक कोरोना से छह लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले नयागांव में बुजुर्ग की मौत हुई। फिर खरड़ में वृद्धा और जीरकपुर में एक बुजुर्ग ने भी दम तोड़ा। इसके बाद बीमार चल रहे एक मीडियाकर्मी व जीरकरपुर निवासी बुजुर्ग महिला की मौत हुई।

बुजुर्ग मरीजों पर मंडरा रहा खतरा
चंडीगढ़ में अब तक कोरोना से जिन सात मरीजों की जान गई है, उनमें से चार बुजुर्ग थे। इनमें 83 और 80 साल की दो महिलाएं जबकि 60 और 80 वर्षीय दो वृद्ध शामिल थे। इनके अलावा 35 वर्षीय युवक, 45 वर्षीय पुरुष और 3 दिन की एक बच्ची की भी कोरोना से मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि लोग अपने परिवार के ऐसे सदस्यों को संक्रमण से बचाकर रखें। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा अन्य जरूरी सावधानी बरतें।

चंडीगढ़ में अब तक कोरोना से इनकी गई जान  
सेक्टर-18 निवासी 83 वर्षीय वृद्धा
हल्लोमाजरा निवासी 35 वर्षीय युवक
बापूधाम निवासी 45 वर्षीय पुरुष
डड्डूमाजरा निवासी 3 दिन की बच्ची
सेक्टर-30 की 80 वर्षीय वृद्धा
बापूधाम निवासी 60 वर्षीय वृद्ध
सेक्टर-16 निवासी 80 साल का वृद्ध
सात दिन में 52 में हुई कोरोना की पुष्टि
शहर में एक से 7 जुलाई के बीच कोरोना के कुल 52 मामले सामने आए हैं। इनमें से अकेले 6 जुलाई को कोरोना के एक साथ 21 मरीज मिले थे। डॉक्टरों का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से बचाव के नियमों की अनदेखी का ही नतीजा है कि शहर में कोरोना की चेन लगातार बढ़ती जा रही है।

सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी  
पीजीआई डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम का कहना है कि तमाम प्रयास के बावजूद कोरोना के बढ़ते मामलों और मौतों पर काबू न पाने के पीछे मुख्य वजह लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य जरूरी नियमों की अनदेखी है। कोरोना से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार एहतियात है लेकिन कर्फ्यू और लॉकडाउन के खत्म होने के बाद लोगों में लापरवाही बढ़ गई है।

लोग घर के बाहर बेवजह निकल रहे हैं। बात करने के दौरान मास्क को नाक और मुंह पर लगाने की बजाय गले में लटकाए रह रहे हैं। ऐसी स्थिति में संक्रमण की जद में आना लाजमी है। यह लापरवाही घर जाने पर पूरे परिवार को संक्रमण की जद में ला रही है। शुरुआती दौर में ज्यादातर मामले किसी दूसरे शहर या विदेश से लौटे लोगों में पाए गए थे लेकिन धीरे-धीरे कोरोना की चेन बढ़ती गई। अगर 15 जून से 7 जुलाई तक के कोरोना पॉजिटिव मरीजों की डिटेल देखें तो उसमें लगभग 80% मरीज अपने परिवार में ही संक्रमित हुए हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि संक्रमण से बचाव के लिए सावधान और जागरूक बना जाए।

शहर में मंगलवार को कोरोना की वजह से जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई है, वह करीब 80 वर्ष के थे। वह पहले से ही कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। चंडीगढ़ में कोरोना की वजह से जो मौतें हुई हैं, उनमें से चार लोग 60 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं। फिर भी प्रशासन के अधिकारी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस वायरस की वजह से किसी की जान न जाए।  – मनोज परिदा, एडवाइजर 

मोहाली: पांच लोग पॉजिटिव मिले, आठ ने कोरोना को हराया
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि मंगलवार को पांच लोग संक्रमित भी मिले हैं। इनमें जीरकपुर, जवाहरपुर, नयागांव, बलटाना के चार पुरुष और खरड़ की महिला शामिल हैं। इनकी उम्र 28 से 50 के बीच है। इसके अलावा आठ मरीज तंदरुस्त हुए हैं। इनमें खरड़ का 25 वर्षीय युवक, जीकरपुर के 35 और 40 वर्षीय दो व्यक्ति, डेराबस्सी की 36 साल की महिला, बलटाना की 48 वर्षीय महिला, बलटाना का ही एक 50 साल का व्यक्ति शामिल है। इनके अलावा बलटाना की 18 और 24 वर्षीय युवतियां भी स्वस्थ हुई हैं।

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