दुष्यंत चौटाला की कथनी और करनी एक ही है : खैहरा
July 7th, 2020 | Post by :- | 29 Views
कुरुक्षेत्र, ( सुरेशपाल सिंहमार )    ।   युवा जजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. जसविन्द्र सिंह खैहरा ने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। वे जो कहते हैं वो करके भी दिखाते हैं। प्रदेश के 75 प्रतिशत युवाओं को नौकरी देने की घोषणा को उन्होंने सच साबित कर अपने वायदे को पूरा किया है। उन्होंने चुनावों से पूर्व हरियाणा में सत्ता आने के बाद युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार देने की बात कही थी। हरियाणा के युवाओं के लिये सावन का महीना खुशियों की फुहार लेकर आया है। सावन महीने के प्रथम दिन ही हरियाणा मंत्रिमंडल की हुई बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अपनी पार्टी का वादा निभाते हुए प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत हरियाणवी युवाओं को भर्ती करने के अध्यादेश का प्रारूप रखा। सोमवार को हरियाणा सचिवालय में हुई राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में अध्यादेश का प्रारूप पास हो गया। आगामी कैबिनेट बैठक से अध्यादेश को मंजूरी मिलते ही निजी क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू हो जाएगा। यह वादा जननायक जनता पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से किया था।
खैहरा ने कहा कि अब भविष्य में हरियाणा प्रदेश में जो भी नई फैक्ट्रियां अथवा पहले स्थापित कंपनी में नई भर्तियां करेगा उसमें हरियाणा के युवाओं की 75 प्रतिशत नियुक्तियां अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा एवं जेजेपी की गठबंधन सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में यह मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट सेक्टर में युवाओं की नौकरी के लिए जो कानून बनाया जा रहा है उसमें कड़े नियम भी लागू करने का प्रावधान है। अगर कोई कंपनी/फैक्ट्री, संस्थान, ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की जानकारी छुपाएगा तो उस पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
खैहरा ने कहा कि दुष्यंत चौटाला की दूरदर्शी सोच की बदौलत अब प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा लेकिन 50 हजार रूपये से नीचे की तनख्वाह के हर कर्मचारी को श्रम विभाग की वेब साइट पर अपने नाम का रजिस्ट्रेशन कराना होगा जो निशुल्क है। रजिस्ट्रेशन करवाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी, फर्म अथवा रोजगार प्रदाता की होगी। जो कंपनी अपने कर्मचारी की सूचना रजिस्टर्ड नहीं करवाएगी उसको हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 के सेक्शन-3 के तहत 25 हजार से एक लाख रूपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। अगर फिर भी कंपनी कानून का उल्लंघन करती है तो उसे हर रोज पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
ये रहेगा कानून का प्रारूप
हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 प्रदेश के सभी निजी उद्योग, फर्म अथवा हर रोजगार प्रदाता पर लागू होगा जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है। यह नियम पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर लागू न होकर अध्यादेश के नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि के बाद निजी क्षेत्र में होने वाली भर्तियों पर लागू होगा।
हरियाणा डोमिसाइल धारकों को मिलेगा लाभ
निजी क्षेत्र के उद्योगों में हरियाणा के युवाओं को आरक्षण का लाभ लेने के लिए उनके पास हरियाणा का स्थाई निवासी प्रमाणपत्र (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है। इस कानून को लागू करवाने का जिम्मा श्रम विभाग का होगा। कानून के दायरे में आने वाली प्रत्येक फर्म, फैक्ट्री अथवा आउट सोर्सिंग कंपनी को अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों का विस्तार पूर्वक डाटा सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत करवाना अनिवार्य होगा। निजी क्षेत्र में यह कानून 50 हजार रूपये तक वेतन वाले पदों पर ही लागू होगा।

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