नालागढ़ में ब्लेड बनाने वाली फैक्ट्री ने बंद किया दो दर्जन से ज्यादा मजदूरों का गेट
August 19th, 2019 | Post by :- | 81 Views

औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में लगातार मजदूरों का शोषण हो रहा है। ताजा मामला नालागढ़ के मुसेवाल गांव का है जहां पर एक ब्लेड बनाने वाली फैक्ट्री द्वारा धक्के मारकर दो दर्जन से ज्यादा मजदूरों को कंपनी से बाहर निकालकर कंपनी का गेट बंद कर दिया गया। कंपनी से निकाले जाने के बाद मजदूरों में खासा रोष देखा जा रहा है। मजदूरों ने कंपनी के गेट पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए कहा है कि वे बीते 3 साल से कंपनी में काम कर रहे हैं। कंपनी की ओर से जो सुविधाएं उन्हें मिलनी चाहिए थी वे उन्हें नहीं मिल रही हैं। मजदूरों का कहना है कि न तो उनका कोई आई कार्ड  बनाया गया है और न ही उन्हें कंपनी द्वारा कोई जॉइनिंग लेटर  दी गई है। मजदूरों का ये भी आरोप है कि उनका पीएफभी नहीं काटा जा रहा है।

मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन लाए गंभीर आरोप ….

मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे बीते 3 सालों से कंपनी में काम कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा विभाग के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। उनका कहना है कि कंपनी द्वारा कपड़ा उद्योग लगाने के लिए अनुमति ली गई, लेकिन कंपनी में काम ब्लेड बनाने का किया जा रहा है। उन्होंने एक शिकायत उद्योग विभाग को भी की है। शिकायत में लिखा गया है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा धोखाधड़ी करके कपड़ा बनाने की बजाय फैक्ट्री में ब्लेड बनाने का काम किया जा रहा है। कंपनी द्वारा सरकार व प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना

कंपनी गेट पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि जब उन्होंने ईएसआई पीएफ के लिए जन मंच के माध्यम से शिकायत की तो उसकी जांच लेबर इंस्पेक्टर नालागढ़ को दी गई। इसकी जांच की तारीख 3 सितंबर रखी गई है। ऐसे में मजदूरों का कहना है कि जब लेबर इंस्पेक्टर 3 सितम्बर को जांच करेंगे तब इससे पहले कंपनी प्रबंधन ने उनके लिए कंपनी का गेट क्यों बंद कर दिया। मजदूर जानना चाहते हैं कि उन्हें नौकरी से क्यों निकाला जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे गेट पर ही धरने पर बैठे रहेंगे। अगर कंपनी प्रबंधन का रवैया फिर भी नहीं ठीक हुआ तो आने वाले दिनों में वे भूख हड़ताल करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।