प्रकृति की रक्षा के लिए प्रयासरत पर्यावरण सचेतक समिति पलवल|
July 6th, 2020 | Post by :- | 88 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 06 जुलाई :- जीवों पर दया करें, शाकाहारी बनें, वृक्षारोपण, जल बचाओ एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ- साथ प्रकृति की रक्षा के लिए प्रयासरत है पर्यावरण सचेतक समिति पलवल।

समिति के संयोजक आचार्य राम कुमार बघेल ने बताया कि लगातार घटता वनक्षेत्र और बढ़ती जनसंख्या पर्यावरण को अत्याधिक नुकसान पहुंचा रही है। आज हमारे आस-पास कंक्रीट से निर्मित भवनें और सड़कें आदि सुविधाओं के अनेकों साधन मौजूद हैं। इन साधनों से जंगल नष्ट होने के कारण वन्य पशु- पक्षियों के जीवन पर भी संकट आ गया जिसके कारण काफी जीवों की प्रजातियां लुप्त हो रही हैं।

मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ लगाकर उसकी देखभाल अवश्य करनी चाहिए। यह सभी प्राणियों को प्राणवायु और पशु- पक्षियों को आराम के लिए आवास देगा। लगभग दस वर्षों से हम नियमित पक्षियों के लिए दाना- पानी रखते हैं। कोई घायल पक्षी मित्र मिलने पर उसे घर लाकर यथोचित प्राथमिक उपचार देकर उनकी देखभाल करते हैं। गोरैया, काली चिड़िया, धोरा, तोता, कबूतर, गिलहरियां, कौआ आदि पक्षी मित्रों के घायल मिलने पर पड़ोसी भी हमारे पास उनको छोड़ जाते हैं।

अब यह हमारे जीवन की दिनचर्या में शामिल है। पर्यावरण संरक्षण बहुत जरूरी है तभी प्रकृति का संतुलन बनाए रखा जा सकता है। प्रकृति के असंतुलन के कारण अनेकों आपदाएं और महामारी विकराल रूप लेती हैं। जन क्रांति से ही हरित क्रांति लाई जा सकती है इसलिए मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाने की जरूरत है। सभी जीवों के प्रति दयाभाव रखते हुए जियो और जीने दो के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।

हम समय-समय पर वृक्षारोपण के साथ औषधिय पौधे वितरित करते हैं ताकि अधिक स्थान ना होने पर इन छोटे पौधों को लोग अपने घरों पर गमलों में लगा सकें। हम सभी को यह समझना होगा की वृक्षारोपण, जीवों पर दया, जल बचाओ और प्रकृति की रक्षा करना हम सबका नैतिक कर्तव्य बनता है। समिति पदाधिकारी मास्टर थानसिंह, देव कुमार, एडवोकेट संजय कुमार, ईश्वरराज, अमरपाल, महेश जोगी, गजेंद्र आदि तन, मन और धन से इस अभियान में साथ मिलकर लगे हुए हैं।

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