आत्म ज्ञान प्रदान करने वाले सदगुरु का स्थान संसार में सर्वोपरि : नवीन मल्होत्रा
July 5th, 2020 | Post by :- | 78 Views
झज्जर/बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)
* आसाराम आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर हुआ पादुका पूजन
बहादुरगढ़। लाइनपार क्षेत्र के नाहरा नहरी रोड पर स्थित आसाराम आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धालुओं द्वारा पादुका पूजन कर श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। आश्रम की श्री योग वेदांत सेवा समिति के प्रवक्ता नवीन मल्होत्रा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देवी भाई ने पादुका का पूजन किया तथा श्रद्धालुओं को गुरु की महिमा से अवगत कराया। गुरु पूर्णिमा अवसर पर श्रद्धालुओं ने देश से कोरोना वायरस के खात्मे की प्रार्थना भी की । नवीन मल्होत्रा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पूर्ण रुप से पालन करते हुए एक बार मे 20 श्रद्धालुओं को आश्रम में प्रवेश देकर फिजिकल व शोशल डिस्टेंस के तहत पादुका पूजन किया गया। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हर साल आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता था मगर कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार भंडारे का आयोजन नहीं किया गया। श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइजर से साफ करवाने के उपरांत ही आश्रम में प्रवेश दिया गया तथा आश्रम के अंदर भी सोशल व फिजिकल डिस्टेंस का पूरी तरह से पालन किया गया। गुरु पूर्णिमा पर पूजन करते हुए समिति के प्रवक्ता नवीन मल्होत्रा ने कहा कि आत्म ज्ञान प्रदान करने वाले सदगुरु का स्थान संसार में सर्वोपरि है । गुरु ज्ञान प्राप्त करने से जीवन सफल होता है इसलिए गुरु प्रतिफल स्मरणीय एवं वंदनीय है। नवीन मल्होत्रा ने बताया कि गुरु केवल गुरु है। गुरु की समानता किसी से नहीं हो सकती। गुरु ज्ञान स्वरूप है। गुरु से ज्ञान प्राप्त करके जीव अपने लिए ही नहीं अपितु औरों के लिए भी कल्याणकारी सिद्ध होता है।
नवीन मल्होत्रा ने बताया कि सातों द्वीपों ,नौ खंडों, तीन लोक तथा पूरे ब्रह्मांड में सद्गुरु के समान किसी अन्य को नहीं पाओगे। गुरु के गुणों की महिमा सर्वोपरि है इसलिए कहा गया है कि मूल ध्यान गुरू रूप है और मूल पूजा गुरु पावँ। गुरु के माध्यम से जीव को ब्रह्मज्ञान को प्राप्त करता है। नवीन मल्होत्रा ने कहा कि आज भौतिकता का भूत इंसान के सिर चढ़कर बोल रहा है। दिशाहीनता के कारण इंसान आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां से आगे बढ़ना कठिन है ऐसे में गुरू के माध्यम से ब्रह्मज्ञान  प्राप्त कर जीव अपने जीवन को सार्थक कर सकता है। गुरु पूर्णिमा पर प्रवक्ता नवीन मल्होत्रा, सुरेंद्र, विवेक, प्रवीन,मालपानी, सोमानी, मीनू खुराना, आभा बहन, गुड्डी ,किरण सहित  काफी श्रद्धालुओं ने पादुका पूजन कर सभी के सुख व समृद्धि की कामना की।
फोटो कैप्शन :- आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर पादुका पूजन करते हुए श्रद्धालु।

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