सड़क हादसे में शहीद हुए बीएसएफ जवान को राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में सुपुर्द ए खाक किया गया
July 2nd, 2020 | Post by :- | 30 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  सड़क हादसे में शहीद हुए बीएसएफ  मोहम्मद साहिद  का शव बुधवार को देर शाम उनके पैतृक गांव मुरादबास पहुंचा । जहां बीएसएफ के जवानों ने सलामी दी और पूरे  राजकीय सम्मान के साथ शहीद को सुपुर्द ए खाक किया गया । इस दौरान मेवात की पुलिस जवानों के साथ गांव में मौजूद रही । जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर बीएसएफ के जवानों द्वारा मुरादबास गांव में लाया गया , तो पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया । शहीद का शव पहुंचने की खबर जैसे ही ग्रामीणों व इलाके के लोगों को लगी तो मुरादबास गांव में भारी भीड़ जुट गई ।
नूंह जिले के गांव मुरादबास में बुधवार को उस वक्त मातम सा पसर गया जब गांव का ही एक लाल देश की सेवा करने के लिए ड्यूटी पर जाते समय सड़क दुर्घटना में इस दुनिया को अलविदा कह गया।
दरअसल मोहम्मद साहिद नाम का फौजी जिसकी उम्र करीब 34 साल थी वो बुधवार की सुबह अपने घर से ड्यूटी के लिए डीजी हेडक्वार्टर बाइक से दिल्ली जा रहा था लेकिन जैसे ही फौजी घासेड़ा गांव में पहुंचा तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक कंटेनर ने फौजी की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखने वालों की रूह कांप उठी। मौके पर ही फौजी मोहम्मद साहिद की मौत हो गई। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने फौजी का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया। मृतक फौजी 9 एनडीआरएफ पटना में पोस्टेड थे।
जैसे ही फौजी मोहम्मद साहिद की मौत की खबर लोगों को मिली तो पूरी मेवात में शौक की लहर दौड़ पड़ी। सुबह से लेकर शाम तक सोशल मीडिया पर फौजी की मौत की खबर सुनकर मेवात के युवा फौजी को श्रद्धांजलि देते हुए नजर आए। मेवात में चारों ओर मातम सा पसर गया। इसके अलावा जब फौजी की मौत की खबर उसके साथ ड्यूटी करने वाले फौजियों तक पहुंची तो फौजियों की टुकड़ी उनके पैतृक गांव मुरादबास सलामी देने पहुंची। नम आंखों से दुख प्रकट करते हुए सभी फौजियों ने उन्हें पहले सलामी दी बाद में उन्हें गांव के ही कब्रिस्तान में सुपर्दे खाक किया गया। बताया जा रहा है कि मोहम्मद साहिद अपने परिवार में अकेले ही फौजी नही थे बल्कि उनके पिता रिटायर फौजी है तो उनके बड़े भाई फिलहाल फौज में रहकर ही देश की सेवा कर रहे है।

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