पराल पंचायत में पंचायती राज बिभाग ओर मनरेगा के कर्मचारियों की ढीली कार्यप्रणाली ओर मनमर्जी के चलते 2 वर्ष पहले खत्म हो चुके मनरेगा कार्यो की आज तक नही हो सकी 2लाख रुपए बचती राशि की अदायगी
July 1st, 2020 | Post by :- | 280 Views
  1. गगन ललगोत्रा (व्यूरो कांगड़ा)

 

पंचायत के उप प्रधान बोले पैसो की अदायगी करने के बदले में कर्मचारी कर रहे है पैसो की मांग

कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत पत्र जिलाधीस कांगड़ा को भेजा।

कोरोना महामारी के चलते हर कोई बेरोजगार होकर घर बैठा है । हिमाचल सरकार ने इस स्थिति में मनरेगा के कार्यो को ओर तेज किया है और नई नई स्कीमें निकालकर युवाओं और आम जनता को रोजगार देनी की बात कही है ताकि इस कोरोना महामारी के समय ग्रामीणों को आर्थिक तोर पर तंगी महसूस न हो और घर द्वार रोजगार मिल सके। परंतु बिकास खण्ड इन्दौरा की पंचायत पराल में इसके उलट ही स्थिति देखने को मिली है यहाँ 2 वर्ष पहले खत्म हो चुके मनरेगा के कार्यो की बचाती राशि की अयादगी आज तक पंचायत में तैनात कर्मचारियों की मनमर्जी ओर ढीली कार्यप्रणाली के कारण लगभग दो लाख रुपए राशि की अदायगी नही हो सकी है। इस सबके खिलाफ पराल पंचायत के उप प्रधान ने एक शिकायत जिलाधीस कांगड़ा को भेजा है। और खण्ड बिकास अधिकारी इन्दौरा को भी इस बारे सूचित किया है।उप प्रधान ने बताया कि दिनांक एक सितंबर 2018 को दो कार्य मनरेगा के जोकी जीप योग्य रास्ता मेन रोड से लेकर श्मशानघाट तक ओर दूसरा कार्य जीप योग्य रास्ता दर्शना देबी के घर से लेकर पीर बाला फलाही तक हुए थे इन रास्तो में सारा काम मनरेगा की लेवर ने किया था ।जिंसमे एक कार्य की एमबी नही हुई है और दूसरे कार्य की एमबी हो जाने के बाबजूद भी पंचायत में तैनात ग्राम रोजगार सेवक इन कामो के बिलों को ऑनलाइन नही कर रहा है और कार्य को कंप्लीट करने की एब्ज में पैसो की मांग कर रहा है इन दोनों कार्यो की लगभग डेढ़ लाख की राशि बकाया पड़ी हुई है जो आज तक नही मिल सकी है । यही नही एक अन्य कार्य मेन सड़क से मोहन के घर तक पक्की नाली ब रास्ते का निर्माण भी एसडीपी के अधीन वर्ष 2018 में ही हुआ था जिंसमे आधी लेवर ओर मटीरियल की पेमेंट भी नही हुई है और उक्त कर्मचारी दो वर्षों से इन कार्यो को पूर्ण करने में आना कानी कर रहे है ओर कुछेक कर्मचारी कार्य पूरे करने की एब्ज में पैसो की मांग करते रहते है। पैसे न मिलने से मनरेगा की लेवर के साथ अपने पैसो को ही न मिलने के चलते आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ रहा है और पंचायत प्रधानो को मटीरियल की अदायगी करना मुश्किल हो गई है। जिन लोगो से इन कार्यो में मटीरियल लिये है वो लोग बार बार पैसो के लिए तंग कर रहे है। पंचयात के उप प्रधान ने यह भी शिकायत की है के पंचायत में तैनात पंचायत सचिब ग्राम सभा की मीटिंग हो जाने के बाद कई दिनों तक पंचायत कार्यबाही को बन्द नही करता है । उन्होंने बताया के उनकी पंचायत में 13 लोगो ने गो शेड के लिए अबेदन किया है और दो लोगो ने शौचालय के लिए अबेदन किया है ।जिनमे 5 गो शेड ओर दो शौचालय बनबाने बाले लोगो ने शेड ओर शौचालय कही और बनाने है और पर्चा कही और जमीन का दिया है जोकी सरासर गलत है। इसकी भी जांच हेतु जिलाधीस कांगड़ा को लिखा गया है ।

इस सम्बंध में जब खण्ड बिकास अधिकारी इन्दौरा कर्म चंद से बात की गई तो उन्होंने बताया के दो वर्ष से पेंडिंग पड़ी मनरेगा के कार्य की पेमेंट की अदायगी न होने के संबंध में पंचायत में तैनात कर्मचारियों से पुछतास की जाएगी। ओर अगर एसडीपी के कार्यो की राशि बकाया है तो उसकी अदायगी जरूर होगी।अगर हमारा कोई कर्मचारी कार्य पूरे करने की एब्ज में पैसो की मांग करता है तो उसकी शिकायत हमे लिखित में दे छानबीन कर उस पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी

इस संबंध में जब पंचायत सचिव पराल राजेश कुमार से बात की गई तो उसने कहा के मनरेगा के कार्य पूरा होने के चलते अभी तक कार्यो को दर्शाने के लिए साइन बोर्ड नही लगाया गया है जिसके कारण इन कार्यो की पेमेंट रोकी गई है ।

इस संबंध में जब पंचायत में तैनात रोजगार सेवक से बात की गई तो उन्होने कहा के मैने किसी भी तरह के कार्य को पूर्ण करने हेतु उप प्रधान से आज तक पैसो की मांग नही की है । जो यह आरोप मेरे पर लगाए गए है मैं इनको सिरे से नकारता हूँ

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