जेनेरिक और एथिकल दवाओं का अंतर दूर करे सरकार :हरभजन ।
June 29th, 2020 | Post by :- | 111 Views

जेनेरिक और एथिकल दवाइयों का अंतर दूर करे सरकार:हरभजन ।
जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
आजकल पूरे पंजाब में सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमा रहा है कि दवाइयां के प्रिंट रेट और थोक बिक्री रेट में अंतर होने के कारण आम लोग दवा विक्रेताओं की लूट का शिकार होते हैं ।वहीं आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज जंडियाला गुरु पूर्व ई टी हरभजन सिंह ने कहा कि जेनेरिक दवाएं बिना किसी पेटेंट के बनाई जाती है। जेनेरिक दवाओं का फार्मूलेशन पर पेटेंट हो सकता है लेकिन उसका मटीरियल पर पेटेंट नही किया जा सकता ।इंटरनैशनल स्टैण्डर्ड से बनी जेनेरिक दवाइयों की क्वालटी ब्रांडेड दवाई से कम नही होती ।जहां पेटेंट ब्रांडेड (,एथिकल ) दवाओं की कीमत खुद तय करती है वही जेनेरिक दवाओं की कीमत को निर्धारित करने के लिए सरकार का हस्तक्षेप होता है। जेनेरिक दवाइयों की मनमानी कीमत नही निर्धारित नही की जा सकती ।उन्होंने ने डब्लू एच ओ के अनुसार डॉक्टर अगर मरीजों को प्रेसकराईब करें तो विकासशील देशों में भी स्वास्थ पर 70 प्रतिशत कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि जेनरिक दवा ब्रांडिड (एथिकल )दवा से सस्ती होती है।आप नेता हरभजन सिंह नर कहा कि जेनेरिक दवाओं की लिस्ट सरकार द्वारा जारी करनी चाहिए और लोगों को एथिकल और जेनेरिक दवाओं के अंतर में स्तिथि स्पष्ट करनी चाहिए ।
फ़ोटो कैप्शन पूर्व ई टी ओ हरभजन सिंह की तस्वीर और दवाइयों की तस्वीर ।

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