आयुर्वेद और बाबा रामदेव के खिलाफ दुष्प्रचार वामपंथियों की है साजिश : ज्ञानदेव आहूजा
June 26th, 2020 | Post by :- | 67 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि आयुर्वेद और बाबा रामदेव के खिलाफ दुष्प्रचार वामपंथियों की साजिश है। आहूजा ने कहा कि ऐसा होने से एलोपैथी की ठेकेदारी खत्म हो जाएगी। भाजपा के राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञानदेव आहूजा का कहना है कि बाबा रामदेव ने कोरोना की दवाई कोरोनिल के साथ ही कोरोनावायरस की अन्य दवाइयां बनाई हैं। ये आयुर्वेद से अधिकृत हैं। आयुर्वेद वेदों के अनुसार वह दवा है, जिसने मूर्च्छित लक्ष्मण को भी संजीवनी देकर अंतिम सांसों से लौटाकर जीवित कर दिया था। आयुर्वेद तो वह है,जिसमें चरक और धनवंतरी ने दवाइयों का प्रमाणीकरण किया। हमारे आकड़ा, धतूरा, बेलपत्र हो या पीपल। छोटे से छोटा पौधा हमारे यहां हर व्यक्ति को संजीवनी देता है। इसलिए बाबा रामदेव ने जो कोरोनिल और गोलियां घोषित की हैं। उसे एलोपैथी के ठेकेदार, एलोपैथी में कमीशन खाने वाले डॉक्टर, एलोपैथी की कंपनियां नहीं चाहते कि ये आयुर्वेदिक दवाइयां, आयुर्वेद के उत्पाद प्रमाणीकरण लेकर देश विदेश में बिके। यदि ऐसा होने लगा तो एलोपैथी कंपनियों के ठेकेदारी खत्म हो जाएगी। एलोपैथी के डॉक्टरों का कमीशन बंद हो जाएगा। इन सब कमीशनखोरों ने बाबा पर एक साथ अटैक किया है। जयपुर के डॉक्टर ने बाबा रामदेव के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है। देश में कई परिवाद दर्ज किए गए हैं। लेकिन बाबा बिलकुल भी गलत नहीं हैं। बाबा रामदेव ने इस देश को ही नहीं बल्कि दुनिया को योग दिया है। माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसी योग की ख्याति को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून घोषित करवाया। मैं स्वयं योग करता हूं। मेरी श्रीमती जी को जन्मजात अस्थमा है। वे रात को ऑक्सीजन की मशीन का पाइप और वेंटिलेटर लेकर सोती हैं। पिछले लॉकडाउन में साढे़ 3 महीने से एक टीवी चैनल पर देखकर लगातार योग व्यायाम प्राणायाम और आसन कर रही हैं। उनकी एलोपैथिक दवाई बंद हो गई है और ऑक्सीजन सिर्फ रात को लगता है। अब उन्हें बीमारी से डर नहीं लगता और एंटीबायोटिक दवाइयां भी बंद हो गई हैं। यह दावे के साथ कहा जा सकता है कि उन्हें इतना बड़ा लाभ योग और प्राणायाम से हुआ है। मैं प्रमाणित रूप से कह रहा हूं, प्रचार नहीं कर रहा क्योंकि आयुष डिपार्टमेंट ने प्रचार पर पाबंदी लगा दी है, परंतु प्रमाणित रूप से यह दावा करता हूं कि कोरोनिल कोरोना से ठीक करने में सहायक सिद्ध होगा। हालांकि मैंने स्वयं इसको नहीं आजमाया इसलिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है ऐसा मैं नहीं कह सकता और उसका प्रचार भी नहीं कर सकता,परंतु टीवी चैनल में जो आया है और जो सोशल मीडिया में व्हाट्सएप पर चल रहा है। वह विषैला और जहरीला प्रचार देश के आयुर्वेद को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। देश की एलोपैथी की कंपनियां और डॉक्टर इस तरह का जहरीला प्रचार आयुर्वेद के खिलाफ ना करें,यह मेरा निवेदन है। भारत मोदी जी की वजह से अखंडता की ओर बढ़ रहा है। कश्मीर में आतंकवादी अपनी मौत को खुद बुला रहे हैं। उनके संगठन जैश-ए-मोहम्मद वगैरह भी अपनी मौत को बुला रहे हैं। कांग्रेस और वामपंथी लोग जो इस देश के साथ कभी सगे नहीं रहे। वे लोग 78 हजार किलोमीटर चीन को और पीओके पाकिस्तान को समर्पित कर चुके हैं। ये लोग देश और यहां बनने वाले आयुर्वेद के उत्पादों के बारे में तुच्छ बात करते हैं। कांग्रेस और वामपंथी के लोगों ने 2008 में कांग्रेस ने चीन के साथ बैठकर समझौता किया था,इस समझौते के उजागर होने की याचिका लग चुकी है। मेरा मानना है कि आयुर्वेद का प्रचार होना देश के लिए बहुत आवश्यक है। आयुष मंत्रालय को कोरोनिल की दवा को अनुमति देनी चाहिए ऐसा मेरा निवेदन है। बाबा रामदेव ने कोरोना की दवाई कोरोनिल के साथ ही कोरोना वायरस की अन्य दवाइयां बनाई हैं। ये आयुर्वेद से अधिकृत हैं।

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