जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशों को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय में दायर की याचिका —–
June 25th, 2020 | Post by :- | 23 Views

पिपली,    :    पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जवाहर लाल गोयल ने अनिल कुमार व अन्य की याचिका उच्च न्यायालय में दायर कर विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों, प्राध्यापकों को प्रदेश सरकार द्वारा 4 जून 2020 को और जिला शिक्षा अधिकारी कुरुक्षेत्र के द्वारा 10 जून 2020 को जारी निर्देशों को रद्द करने की याचिका दायर की है।

अधिवक्ता जवाहर लाल गोयल ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते विद्यालयों में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को सुरक्षित माहौल मुहैया करवाने का आदेश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय ने दिए हैं। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता अनिल कुमार पवन मित्तल व अन्य के नाम से 8431/2020 दायर की गई याचिका में कहा गया था कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्रदेश सरकार द्वारा 4 जून और जिला शिक्षा अधिकारी कुरुक्षेत्र द्वारा 10 जून को जारी पत्र में दिए गए आदेश को रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों को कोरोना महामारी के दौरान विद्यालयों में अपनी ड्यूटी देने का आदेश दिया था। शिक्षकों का कहना है कि जब विद्यालयों में विद्यार्थियों का आना वर्जित किया गया है तथा दाखिला प्रक्रिया भी ऑन लाईन है, ऐसे में शिक्षकों को बुलाना अनुचित व असुरक्षित है। इससे वर्ष 2019 में 100 किलोमीटर तक स्थानातरित हुए शिक्षकों तथा अपने-अपने गृह जिला गए अध्यापकों को भारी परेशानी होगी। लॉकडाउन के चलते जो शिक्षक अपने घर जा चुके हैं, अब उन्हें मकान मालिक भी कमरा किराए पर देने में आनाकानी कर रहे हैं।

इसके अलावा जो शिक्षक रोजाना 30-35 किलोमीटर तक का सफर करते थे, उन्हें भी समस्या होगी, क्योंकि आवागमन के सरकारी साधन बंद हंै। याचिका में कहा गया था कि विद्यालय में शौचालयों की पूर्ण व्यवस्था व सैनिटाईजर का सही प्रबंध न होने के कारण कोरोना महामारी की चपेट में आने का भय है। जवाहर लाल गोयल ने बताया कि याचिका पर उच्च न्यायालय ने सरकार को याचिकाकर्ताओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने के आदेश दिए हैं, ताकि वे अपनी ड्यूटी सुरक्षित तरीके से कर सकें।

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