सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने सरकार को चेताया|
June 25th, 2020 | Post by :- | 227 Views

12 सुत्रीय मांगों का ज्ञापन सिविल सर्जन को सौंपा

कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं का समाधान नहीं  तो, कोरोना योद्धा बड़े आंदोलन का फैसला लेने पर होंगे मजबूर,

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 25 जून :- सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने सरकार को चेताया कि अगर आशा वर्करों, एनएचएम व स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 40 हजार कोरोना योद्धा बड़े आंदोलन का फैसला लेने पर मजबूर होंगे। जिसके लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग पुरी तरह जिम्मेदार होंगे। प्रदेशाध्यक्ष लांबा ने यह चेतावनी बृहस्पतिवार को नागरिक अस्पताल में आयोजित आशा,एनएचएम व स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों के प्रर्दशन को संबोधित करते हुए दी।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के 30 सितंबर को करीब 11 हजार ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने,एनएचएम कर्मचारियों के अनुबंध नवीनीकरण में शर्त लगाने, वायदे के बावजूद 35 दिन हड़ताल पीरियड के काटे गए वेतन का भुगतान न करने, सेवा नियमों में संशोधन न करने और आशा वर्करों को 4 हजार रुपए जोखिम भत्ता न देने की घोर निन्दा की। सरकार व विभाग की इन कोरोना योद्वाओं की मांगों की अनदेखी के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन के अनुसार बृहस्पतिवार को आशा वर्करों,एनएचएम व ठेका कर्मचारियों ने जिले की सभी पीएचसी व सीएचसी में प्रर्दशन किए गए।

इसी कड़ी में इन कर्मियों ने जिला नागरिक अस्पताल में आम सभा का आयोजन किया और इसके बाद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान सुभाष लांबा,  जिला प्रधान राजेश शर्मा, सचिव योगेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनवारी लाल, प्रेस सचिव रमेश चंद्र,खंड प्रधान राजकुमार डागर,   बिजली के नेता जितेन्द्र तेवतिया, पब्लिक हैल्थ यूनियन के ब्रांच प्रधान बालकिशन शर्मा, सचिव विभाग के मनिस्टियल एसोसिएशन के प्रधान चन्दर तेवतिया, सचिव वरुण,  एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला अध्यक्ष नरबीर डागर व सचिव राजेश सहजवाल, आशा वर्कर यूनियन की उपप्रधान बबली, स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन के नेता  प्रहलाद व नरदेव के नेतृत्व में  सिविल सर्जन कार्यालय पर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रर्दशन किया।

प्रर्दशन के बाद मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित 12 सुत्रीय मांगों का ज्ञापन सिविल सर्जन को सौंपा गया। जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को समायोजन व पक्की भर्ती से भरने, निजीकरण ठेका प्रथा पर रोक लगाने, ठेकेदार को बीच से हटकर ठेका कर्मचारियों को सीधे विभाग के पे रोल पर करने,सेवा सुरक्षा प्रदान करने व 24 हजार रुपए न्यूनतम मासिक वेतन देने की मांग की गई। एनएचएम और इसमें कार्यरत स्टाफ को नियमित करने की भी मांग की गई है।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना किसी तैयारी के किए गए लाकडाउन के कारण आज कोरोना के साथ ही महंगाई व बेरोजगारी बेकाबू हो गई है। पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से आज सरकारी क्षेत्र और सरकारी कर्मचारी ही जुझ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार फ्रंटलाइन में खड़े होकर लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों एवं समस्याओं को  सुनने तक तैयार नहीं है। इसके विपरित एनएचएम कर्मियों के अनुबंध नवीनीकरण में अनावश्यक शर्त लगाकर और 11 हजार ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लेकर कर्मचारियों को बड़े आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है।

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