खाजूवाला में महान क्रांतिकारी श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस करणी माता मंदिर में मनाया गया
June 23rd, 2020 | Post by :- | 42 Views

खाजूवाला (रामलाल लावा)  खाजूवाला द्वारा महान क्रांतिकारी श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस करणी माता मंदिर में मनाया गया
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जगविन्द्र सिंह सिधु ने कहा कि डॉक्टर मुखर्जी एक महान क्रांतिकारी हुए उनका जन्म 6 जुलाई 1901 में आशुतोष बाबू के संभ्रांत परिवार में हुआ
22 वर्ष की आयु में एम ए परीक्षा उत्तीर्ण कर 24 साल की आयु में विश्वविद्यालय में सीट के सदस्य बने 1947 को स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में एक गैर कांग्रेसी वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने वित्त मंत्रालय का काम संभाला डॉक्टर मुखर्जी ने चितरंजन रेल इंजन का कारखाना विशाखापट्टनम में जहाज बनाने वाला कारखाना है और बिहार में खाद के कारखाने स्थापित करवाए
उनके सहयोग से ही हैदराबाद निजाम को भारत में विलीन होना पड़ा
1950 में भारत की दयनीय दशा देखकर उनके मन में गहरा आघात लगा उन्होंने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर विरोधी पक्ष की भूमिका का निर्वाह करने लगे
उन्होंने कश्मीर के संदर्भ में नारा दिया कि एक देश दो झंडे दो निशान नहीं चलेंगे नहीं चलेंगे और पूरे जीवन उन्होंने उसको संकल्प बनाकर इसके लिए संघर्ष किया और 8 मई 1953 को तत्कालीन विदेश मंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी वेद गुरुदत्त डॉ बर्मन और टेकचंद को लेकर जम्मू कश्मीर कूच किया सीमा प्रवेश के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया 40 दिन तक डॉक्टर मुखर्जी जेल में बंद रहे और 23 जून 1953 को जेल में रहस्यमय ढंग से उनकी मृत्यु हो गई जीवन को एक लक्ष्य दिया कश्मीर के अंदर दो झंडे दो निशान स्वीकार नहीं है और उनका वह संकल्प मोदी सरकार ने पूर्ण किया आज उनके द्वारा किया गया संघर्ष का ही परिणाम है की कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया 35a को भी हटाया गया आज उनके बलिदान दिवस पर निश्चित ही उनको यह सच्ची श्रद्धांजलि है और उनकी आत्मा जहां से भी आज देख रही है तो निश्चित थी वह खुश होगी उनके द्वारा लिया गया संकल्प पूर्ण हुआ
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष जगमिंदर सिंह सिद्धू मक्खन सिंह राठौड़ सोहनलाल मांधनिया दलीप जालंधर प्रह्लाद तिवाड़ी राकेश कस्वां राजकुमार यादव नरेंद्र सिंह राठौड़ पंकज जाजड़ा मुमताज खान दइया बबलू खुराना आदि उपस्थित रहे

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