सरकार व विभाग के उपेक्षापूर्ण रवैए से नाराज कर्मी 25 जून को करेंगे तीखा विरोध प्रदर्शन :- सुभाष लांबा
June 23rd, 2020 | Post by :- | 133 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 23 जून :- सरकार व स्वास्थ्य विभाग के घोर उपेक्षापूर्ण रवैए नाराज एनएचएम कर्मियों, आशा वर्करों व ठेका कर्मचारियों ने संयुक्त मोर्चा बना कर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। आंदोलन के निर्णयानुसार प्रदेश में कार्यरत करीब 40 हजार यह कोरोना योद्वा 25 जून को सभी पीएचसी, सीएचसी व जीएच में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

इस प्रर्दशन के बावजूद विभाग ने मांगों एवं समस्याओं का संज्ञान नहीं लिया तो तीनों संगठनों की मीटिंग बुलाकर बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया जाएगा। यह धोषणा मंगलवार को तीनों संगठनों के पदाधिकारियों की आयोजित मीटिंग को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने की। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों में मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन सिविल सर्जन व उपायुक्त को सौंपे जाएंगे।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस मीटिंग में एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा, आशा वर्कर यूनियन हरियाणा व स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी संघ हरियाणा के पदाधिकारी मौजूद थे। जिला सचिव योगेश शर्मा द्वारा संचालित इस मीटिंग में सर्व सम्मति से 25 जून को जिले की सभी पीएचसी, सीएचसी व सामान्य अस्पताल में प्रर्दशन करने का निर्णय लिया गया। यह विरोध प्रदर्शन सांकेतिक होगा, जिसमें कामकाज प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

मीटिंग में सरकार की नीतियों और कोरोना योद्वाओं की मांगों एवं समस्याओं के प्रति घोर नकारात्मक रवैए के खिलाफ तीनों संगठनों का संयुक्त मोर्चा बना कर  संयुक्त आंदोलन छेड़ने की पहलकदमी लेने के लिए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। मीटिंग में विभाग में सालों से कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य पदों पर कार्यरत 11 हजार ठेका कर्मचारियों की 30 सितंबर को छंटनी करने, एनएचएम स्टाफ के अनुबंध नवीनीकरण में कोविड 19 के दौरान भी अनावश्यक  शर्त लगाने, एनएचएम  कर्मचारियों की 35 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन जारी न करने व आशा वर्कर्स को उनके फिक्स मानदेय का डबल वेतन जोखिम भत्ते के तौर पर न देने की घोर निन्दा की गई। मीटिंग में  प्रर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में कोरोना योद्वाओं के संक्रमित होने पर गहरी चिंता जताई गई और आवश्यक सुरक्षा उपकरण देने की मांग की।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने विडियो कान्फ्रेसिंग से मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनएचएम कर्मचारियों व आशा वर्करों की लंबित मांगों एवं समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। विभाग ने सालों से लगे 3200 सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारियों सहित अन्य पदों पर लगे करीब 11 हजार ठेका कर्मचारियों को 30 सितंबर को नौकरी से निकालने का फैसला किया है।

एनएचएम कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने व सेवा सुरक्षा देने की बजाय अनुबंध के नवीनीकरण में गैर जरूरी शर्तें लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने  35 दिन की हड़तालों का काटा गया वेतन अभी तक नहीं दिया गया है। वायदे के बावजूद सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के लिए बनाए गए सेवा नियमों में कर्मियों की मांग अनुसार संशोधन नही किया रहा है।

उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स को उनके फिक्स मानदेय का डबल वेतन जोखिम भत्ते के तौर पर नहीं दिया जा रहा है। काटा गया 50 प्रतिशत का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कोरोना के लिए दिए जा रहे इंसेंटिव्स का भी 50 प्रतिशत नहीं दिया जा रहा है। आशाओं को गुणवत्तापूर्ण मास्क, सैनिटाइजर ग्लब्स और पीपीई किट देने की मांग की अनदेखी की जा रही है। जिसको लेकर सभी आशा वर्करों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि विभाग ठेकेदारों को बीच से हटकर ठेका कर्मचारियों को सीधे विभाग के पे रोल पर करने,सेवा सुरक्षा प्रदान कर 24 हजार रुपए न्यूनतम मासिक वेतन देने की बजाय  30 सितंबर को 11 हजार ठेका कर्मचारियों को नौकरी से हटाने पर आमादा है। जिसका तीखा विरोध किया जाएगा।

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