डॉक्टरों की कमी कोविड में नही खलेगी
June 23rd, 2020 | Post by :- | 26 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  ।  हरियाणा के किसी भी जिले में अब डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी। एक तो सरकार ने डॉक्टरों की बड़े पैमाने पर अभी भर्ती की है , दूसरा अब प्रदेश के जितने भी निजी व सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। उनमें एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे फाइनल ईयर के छात्र भी अब मैदान में आ चुके हैं। हरियाणा सरकार ने कोविड-19 तथा अन्य बीमारियों को देखते हुए एमबीबीएस के फाइनल ईयर के छात्रों को स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल बैठाकर काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग नूह को राजकीय शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ से करीब 30 छात्र दिए गए हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर जेएस पुनिया ने पत्रकारों से खास बातचीत के दौरान कहा कि सरकार की यह पहल सराहनीय है। इससे कोविड-19 के केसों में सैंपल से लेकर ट्रेसिंग इत्यादि में अब डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि जो 30 डॉक्टर नल्हड़ मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य विभाग को मिले हैं। उनको बेसिक ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पीपीई किट तथा अन्य उपकरण कैसे पहनने हैं । मास्क , सोशल डिस्टेंसिंग का कैसे ख्याल रखना है और लोगों को भी इसके बारे में एमबीबीएस छात्रों को बताना है , इसलिए इनको बेसिक जानकारी दी जा रही है । सिविल सर्जन ने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए आशा वर्कर से लेकर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी मार्च महीने से लगातार जुटे हुए हैं । प्रदेश में अगर कोरोना के केसों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज होती है , तो अब डॉक्टरों की कमी उसमें कम से कम रोड़ा नहीं बनेगी
।  इसके अलावा विभाग को जल्दी ही कुछ प्रशिक्षित नर्स भी मिलने की खबर है। सिविल सर्जन डॉ जेएस पुनिया ने कहा कि प्रदेश भर में अभी डॉक्टरों की भर्ती की गई है । जल्दी ही उनमें से भी हर जिले को डॉक्टर दिए जाएंगे। इसके अलावा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हजारों छात्र प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। उनको भी अब अलग-अलग जिलों में तैनाती दी जाएगी। कुल मिलाकर अब से पहले डॉक्टरों की कमी लगातार स्वास्थ्य विभाग को खल रही थी । सिविल सर्जन ने कहा कि मैनपावर की कमी दूर होने के बाद अच्छे नतीजे आने से इनकार नहीं किया जा सकता । इन डॉक्टरों को फील्ड में उतारने से पहले इनको प्रशिक्षित किया जा रहा है । अल आफ़िया सामान्य अस्पताल मांडीखेड़ा में सिविल सर्जन डॉ जेएस पुनिया सहित कई सीनियर डॉक्टर एमबीबीएस के फाइनल ईयर के छात्रों को प्रशिक्षित करने का काम कर रहे हैं । कुल मिलाकर कोरोना के साथ – साथ अन्य बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं । प्रदेश के लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि न केवल बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है , बल्कि अब एमबीबीएस के छात्र भी लोगों के इलाज में जुटने जा रहे हैं।

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