बीडीपीओ कार्यालय में ब्लॉक के सरपंचों ने बीडीपीओ व एसडीओ बराड़ा पंचायती राज के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
June 23rd, 2020 | Post by :- | 43 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

बीडीपीओ कार्यालय बराड़ा में ब्लॉक के सरपंचों ने बीडीपीओ बराड़ा व एसडीओ बराड़ा पंचायती राज के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर जम कर नारे बाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता सरपंच यूनियन प्रधान सरपंच सीरसगढ़ नेत्र पाल ने की। सरपंच यूनियन प्रधान नेत्र पाल प्रदर्शन करते हुए कहा कि बीडीपीओ बराड़ा आरके चानना व एसडीओ बराड़ा पंचायती राज नरेश राठी पंचायती कामों में रोड़ा अटाक ाते हैं। हर काम में मीन-मेष करना उनकी आदत में सुमार हो चुका है। सरपंचों ने दोनों अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वह विकास कार्यो पर बिना सेवा शुल्क लिए साईन ही करते। जिस कारण विकास कार्य रूके पड़े हैं। सूचना मिलते ही बराड़ा थाना प्रभारी वीरेन्द्र वालिया दल बल सहित मौके पर पहुंंच गए। एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार ने  फोन पर सरपंच नेत्र पाल से बात कर मौके पर नायब तहसीलदार सुखदेव सिंह को भेजा।  जिनके आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म कर सभी सरपंच अपने अपने गणतव्य को चले गए। जानकारी के अनुसार बीते रोज सरपंच सीरसगढ़ नेत्र पाल राणा, सरपंच घेलड़ी प्रवीण कुमार व पूर्व सरपंच बिंजलपुर वरूण के साथ बीडीपीओ आरके चानना व एसडीओ पंचायती राज नरेश राठी के बीच विकास कार्य को रोकने केा लेकर बहस हुई। सरपंचों को आरोप था कि बीडीपीओ बराड़ा व एसडीओ पंचायती कामों पर साईन करने के लिए सेवा शुल्क लेते हैं। जिसको लेकर मंगलवार को ब्लॉक के दर्जनों सरपंचों ने ब्लॉक समिति कार्यालय में एकत्रित होकर दोनों अधिकारियां के खिलाफ रोष  प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षत सरपंच बराड़ा प्रधान नेत्र पाल ने की। सरपंच ने बीडीपीओ बराड़ा आरके चानना व एसडीओ नरेश राठी को जम कर कोसा कहा कि वह गांवों में किए गए विकास कार्यांे के लिए स्केट्रियों के माध्य से मोटा पेसा वसूलते हैं। वह खुद इनको एक बार सेवा शुल्क दे चुके हैं। इस बात के गवाह पंचायत स्केट्री हैं। प्रदर्शन के करीब तीन घंटे बाद एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार के आदेश पर नायब तहसीलदार सुखदेव सिंह मौके पर पहुंंचे। सरपंचो ने अपनी बात रखी ओर सरपंचों को कहा कि उनी बात सुन ली गई है वह २४ जून को एसडीएम के कार्यालय में आ जाए। वह उनकी समस्या का निराकरण करेंगे। इस मौके पर सरपंच कंबासी बीरमती, सरपंच घेलड़ी प्रवीण चौहान, सरपंच पवन कुमार, विक्रम सिंह, जल सिंह, पवन कुमार, जसविन्द्र सोहाता, पवन कुमार, सतीश कुमार, यश पाल, अनिल कुमार व  मोहित शर्मा  सहित काफी संख्या में सरपंच मौजूद रहे। इस दौरान सभी सरपंचों ने कोरोना वायरस के चलते चहेरे पर मास्क लगाए व  सेनिटाईजर का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन के बीच में आए बीडीपीओ व एसडीओ खुल कर हुई बहस, प्रदर्शनकारी बोले वह यहां से चले जाए:-
प्रदर्शन के दौरान कार्यालय छोड़ कर बीडीपीओ बराड़ा आरके चानना व एसडीओ नरेश राठी प्रदर्शन के बीच में आ गए। जिसके बाद यूनियन प्रधान सरपंच नेत्र पाल व दोनों अधिकारियों की जम कर बहस हुई। सरपंच ने दोनों पर पैसा लेकर काम करने के आरोप मड़ते हुए सीएम से मिल दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाने की चेतावनी दी। ओर दोनों को अपने अपने कार्यालय में जाने के लिए बोला। जिसके बाद दोनों अधिकारी प्रदर्शन की बीच में से चले गए।
सरपचों के सेवा शुल्क न देने पर, आरटीआई लगवाने काम करते हैं अधिकारी :- नेत्र पाल
सरपंच का कहना है कि जो पंचायत गांव में हुए विकास कार्यों की कमीशन नही देती। उस गांव की पंचायत द्वारा जो विकास कार्य करवाए जाते हैं । बीडीपीओ बराड़ा किसी से आरटीआई लगवा कर परेशान करते हैं। तांकि वह दुखी हो जाए ओर उनको सेवा शुल्क दे। ऐसा कई बार हो चुका है। जब सरपंच कार्यालय में आते हैं तो उनके साथ टाल मटौल कर रवैया अपनाया जाता है जबकि जिससे ये आरटीआई लगवाते हैं उसे कुर्सी पर बैठाया जाता है।

तीन सरपंचों के संस्पेशन आर्डर निकालने की दी जाती है धमकी :- प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरपंच सरकपुर के पति बिजली के कंरट लगने से झूलए गए थे। ब्लॉके के अधिकारियों ने उनका हाल चाल पूछना तो दूर की बात उनको संस्पेशन आर्डन निकालने की धमकी दी है। इतना ही नही सरपंच घेलड़ी व सरपंच कंबासी बीरमती को भी संस्पेशन आर्डर भेजने की बात कह चुके हैं। यह काम ब्लॉक के पटवारी के माध्यम से किया जा रहा है। संस्पेशन आर्डर निकालने के पीछे इनकी मंशा रूपये हड़पना है।

बीडीपओ बराड़ा आरके चानना व एसडीओ पंचायती राज, बराड़ा नरेश राठी:- जो आरोप हम पर लगाए जा रहे हैं। वे झूठे व निराधार हैं। रही बात ब्लॉक हमारा परिवार है। सरपंच इसकी अहम कड़ी होते हैं। जो गिले सिकवके हैं दूर हो जाएगें।

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