गंगापुर का बढ़ाया मान: युवा उद्यमी सचिन दुबे की कंपनी को मिली 24 करोड‌ रुपये की अमरीकी ग्रांट
June 21st, 2020 | Post by :- | 180 Views

कोरोना काल मे जयपुर के युवा उद्यमी सचिन दुबे की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि
हासिल की 24 करोड‌ रुपये की अमरीकी ग्रांट

गंगापुरसिटी/ सीताराम गर्ग। युवा उद्यमी  सचिन दुबे द्वारा स्थापित कम्पनी मॉड्यूल इन्नोवेशंस, पुणे को अमरीका के बोस्ट्न विश्वविद्यालय के तत्वाधान मे सी ए आर बी-X द्वारा 32 लाख अमरीकी डालर ( 24.40 करोड़ रुपये) की ग्रांट स्वीकृत की गयी है।
मोडयुल इन्नोवेशंस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कम्पनी के सह संस्थापक एवम मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन दुबे ने बताया कि यह ग्रांट प्राय महिलाओं में होने वाले यु टी आई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) मुत्र मार्ग संक्रमण की त्वरित जांच हेतु उनकी कम्पनी द्वारा बनाइ जा रही ए ए एस टी सेंस डिवाइस के निर्माण को जल्द से जल्द पुरा करने हेतु दी गयी है।
यू टी आई समूचे विश्व मे महिलाओं को होने वाली आम समस्या है, जिससे प्रति वर्ष लगभग 150 मिलियन रोगी प्रभावित होते हैं। त्वरित जांच के अभाव में अभी यू टी आई को प्रायः ब्रॉड स्पेक्ट्रम एंटी बायोटिक द्वारा इलाज किया जाता है, जो प्रायः ड्रग प्रतिरोधी संक्रमण मे कारगर नहीं होते हैं।
हालही में उप्लब्ध तक्नीकी में यू टी आई की जांच हेतु यूरिन कल्चर जांच की जाती है। जिसकी रिपोर्ट 2 या 3 दिन के बाद आती है, तब तक मरीज का यथोचित उपचार आरम्भ नहीं हो सकता और इसके लिये प्रयोग शाला व उच्च शिक्षित तक्नीशियन की आवश्यकता होती है। अब मॉड्यूल इन्नोवेशंस द्वारा विकसित की जा रही एक छोटे प्रिंटर के आकार वाली ए एस टी सेंस डिवाइस मात्र दो घंटे के समय में ही यह बतला देगी कि मूत्र संक्रमण किस जीवाणु से है तथा इसके लिये कौन सी एंटी बायोटिक दवा उपयुक्त रहेगी। यह टेस्ट एक बहुत ही आसान प्रक्रिया है। इसमें केवल मूत्र सेम्पल को कार्टिज मे डालना और टेस्ट को आरम्भ करना है। इस टेस्ट के बाजार मे आने पर डॉक्टर को रोग कारक जीवाणु की सटीक जानकारी उप्लब्ध होगी एवम सही कारण जानने के साथ उपयुक्त एंटी बायोटिक के साथ शीघ्र उचित उपचार करने मे आसानी होगी,
सी ए आर बी-X बोस्टन विश्व विद्यालय , अमरीका के तत्वाधान मे वैश्विक स्तर पर बिना लाभ के कार्य करने वाली संस्था है जो विश्व स्तर पर स्वास्थ कल्याण के क्षेत्र में शोध व नयी खोज के वास्ते विभिन्न चरणो में विश्व के ख्यातिनाम वैज्ञानिको की देख रेख में अपनी पात्रता सिद्ध करने के बाद कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बाद फन्डिंग हेतु पात्र कम्पनी का चयन करता है।
मॉड्यूल इन्नोवेशंस को सी ए आर बी-X द्वारा अब तक फ़ंडिंग प्रदान की गयी 63 कंपनियों मे से पहली भारतीय डायग्नोस्टिक कम्पनी है, जिसे यह प्रतिष्ठित अवार्ड प्राप्त हुआ है।
एन्टी माइक्रोबियल रेसिस्टेन्स (ए. एम. आर.) के अध्यक्ष जिम ओ नील ने बताया कि ए एम आर द्वारा किये गये शोध से पता चला है कि आने वाले समय में ए एम आर की समस्स्या तीव्र गति से बढने वाली है और यदि इसे समय पर नियंत्रित नहीं किया गया तो वर्ष 2050 तक इससे 10 मिलियन लोगों की जान जा सकती है। ए एम आर भी कोविड19 के समान ही भयावह वैश्विक महामारी है, इस पर त्वरित कार्यवाहीआवश्यक है। मॉड्यूल इन्नोवेशंस एवम सी ए आर बी-X जैसी संस्थाओ द्वारा की गयी फंडिंग औषधी प्रतिरोधी जीवाणु के मंडराते हुए खतरे की रोकथाम की दिशा मे एक सराहनीय कदम है।
जयपुर निवासी सचिन दुबे ने राजस्थान विश्व विद्यालय से बायो टेक्नोलोजी मे एम टेक करने के बाद विदेश से पी एच डी करने का अवसर त्याग कर वर्ष 2014 मे भारत सरकार की योजना के अंतर्गत 50 लाख रुपये की बायो टेक्नोलोजी इग्निशन ग्रांट हासिल की और पुणे में अपनी कंपनी मॉड्यूल इन्नोवेशंस, स्थापित की। मॉड्यूल इन्नोवेशंस द्वारा किये जा रहे कार्यो को विभिन्न संस्थाओ द्वारा समय समय पर पुरुस्कृत भी किया जाता रहा है। गौरतलब है कि मॉड्यूल इन्नोवशन्स के संस्थापक सचिन दुबे स्थानीय गंगापुर सिटी के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दुबे एवं श्रीराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल सूरसागर के प्रधानाचार्य राजेश दुबे के भतीजे एवं रिटायर्ड एस डी आई स्वर्गीय राम स्वरूप दुबे के पौत्र हैं सचिन दुबे के पिताजी यशवंत दुबे वर्तमान में जयपुर में गोपालपुरा बाईपास के पास अशोक विहार विस्तार में रहते हैं। यशवंत दुबे केंद्रीय भंडारण निगम जयपुर में वरिष्ठ प्रबंधक के पद से रिटायर हुए थे

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