*कोविड-19 से बचाव के लिए सूर्य ग्रहण के दौरान लागू रहेगा एसओपी*
June 20th, 2020 | Post by :- | 61 Views

होडल, (मधुसूदन भारद्वाज),कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा धाॢमक कार्यक्रमों के संदर्भ में जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) की 21 जून रविवार को (प्रात: 10:20 बजे से दोपहर 01:47 बजे तक) सूर्यग्रहण के दौरान भी पालना की जाएगी। जिसके तहत ग्रहण के दौरान धाॢमक स्थलों पर पूजा अर्चना के लिए अनावश्यक भीड़ के जमाव पर रोक रहेगी। उपायुक्त नरेश नरवाल ने हरियाणा सरकार के गृह विभाग द्वारा निर्देशों की जिला में अनुपालना सुनिश्चित करते हुए ग्रहण के दौरान किसी भी धाॢमक आयोजन को लेकर आवश्यक निर्देश भी जारी किए है।

*छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज, डीसी ने जिलावासियों से किया घर पर परिवार संग योगाभ्यास करने का आह्वान*
*- डीसी नरेश नरवाल ने कहा, कोविड 19 से बचाव के लिए करना होगा योग एट होम विद फैमिली*

उपायुक्त नरेश नरवाल ने जिलावासियों का आह्वान किया है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए 21 जून को छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में रहकर अपने परिवार के साथ योग अभ्यास करें। कोरोना संकट के बीच अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के सभी उपायों का भी अपनाया जाए। उन्होंने अंतराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जिलावासियों के नाम जारी अपने संदेश में यह बात कहीं।

श्री नरेश नरवाल ने कहा कि इस साल, हम घर पर परिवार के साथ योग का अभ्यास करें और दुनिया को एकता का संदेश दें और विश्व शांति के लक्ष्य को प्राप्त करें। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भी एक दिन पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चर्चा के लिए आयोजित वेबीनार में अपने संबोधन में कहा था कि हर वर्ष 21 जून को प्रदेश व देश और अन्य देशों में सामूहिक रूप से एकत्र होकर योग करने के कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, परंतु इस बार वैश्विक कोरोना महामारी के कारण सामूहिक रूप से एकत्र होकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस नहीं मना पाएंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 को घर में रहते हुए अपने परिवार के साथ योग करके मानना चाहिए ।
उपायुक्त ने कहा कि योग प्राचीनकाल से भारत की पहचान है, परंतु कालांतर में योग केवल साधु, संतों और सन्यासियों के लिए ही माना जाने लगा और आमजन मानस योग से दूर होता गया। हज़ारों वर्षों के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई और वर्ष 2015 में यूएन में प्रस्ताव पारित होने के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली और आज दुनिया के लगभग सभी देशों में योग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी निरंतर योग के प्रसार के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योग के लिए गाँवों में व्यायामशालाएं स्थापित की गई हैं। पलवल जिला के सभी उपमंडल, तहसील व खण्ड, नगर परिषद व पालिका आदि क्षेत्रों में इस बार लोग घर पर योगाभ्यास करेंगे।
उन्होंने कहा कि योग के आठ अंग-यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि होते हैं। जब व्यक्ति योग के इन 8 अंगों को अपना लेगा तब योग का वास्तविक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक दृष्टि से आवश्यक है बल्कि मन की शांति के लिए भी योग का अपना महत्व है। इसलिए सबको अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए। योग से ही आज के समय में तनावग्रसत जीवन में शांति मिल सकती है। इसलिए योग का आजीवन अभ्यास करना चाहिए।

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