जे.बी.टी बनाम बी.एड केस को लेकर बेरोजगार संघ ने की चर्चा
June 19th, 2020 | Post by :- | 3416 Views

क्या है J.B.T. बनाम B.Ed केस

एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना के अनुसार 50% अंकों के साथ स्नातक बीएड अभ्यर्थियों को जेबीटी पदों पर नियुक्ति दी जानी है |

लोकहित एक्सप्रेस (हिमाचल):-जे.बी.टी/डी.एल.एड प्रशिक्षित(हि०प्र०) बेरोजगार संघ द्वारा शुक्रवार को एक ऑनलाइन विडीयो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमे मीटिंग की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक ठाकुर ने की साथ ही संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनीत भारद्वाज,महासचिव मोहित ठाकुर, उपाध्यक्ष रविन्द्र,चमन व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
मीटिंग में चर्चा का विषय कोर्ट में चल रहा जे.बी.टी बनाम बी.एड. को लेकर ही था। 19 जनवरी से चींटी के तरह चल रहे इस केस में न तो कोर्ट ने ही इस ओर ध्यान दिया और न ही सरकार ने। एक तरफ तो कोर्ट प्राथमिक स्कूलों को शीघ्र अति शीघ्र भरने को कहता है और दूसरी ओर भावी शिक्षकों को स्कूलों से दूर रखा जाता है। संघ जब भी शिक्षा मंत्री से मिला तो उन्हें ये कह के टाल दिया जाता रहा कि केस कोर्ट में चलने के कारण वो कूछ नही कर सकते या फिर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद का बहाना लगा कर दरकिनारे करने की कोशिश करते हैं। जबकि माननिय उच्च न्यायालय ने सरकार से ही इस विषय मे उनके रिप्लाई देने की बात कही है। सरकार के इसी दोगले रवैये से आज हजारों की संख्याओं में प्रशिक्षु सड़को पे आ गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक ठाकुर ने कहा कि उनका प्रतिनिधि मंडल फरवरी माह में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद कार्यालय नई दिल्ली में भी जा के मिल चुका है,उनका भी कहना यही था कि उनका कार्य सिर्फ देश भर में हर राज्य को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों के अध्यापकों के लिए नियम बनाना होता है ताकि अगर किसी राज्य में जे.बी.टी. अभ्यर्थी पर्याप्त मात्रा में न मिलें तो उनके स्थान पर बी.एड अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए। इसीलिये शिक्षानीति को समवर्ती सूची में रखा गया है ताकि हर राज्य अपने सुविधा अनुसार फैसले ले सकें। संघ ने कहा कि हालाकिं जब बिहार राज्य में भी में इस तरह की समस्या आई थी तो बिहार राज्य ने जे.बी.टी को प्राथमिकता देते हुए 17 नवंबर 2019 को पत्र जारी किया था कि जब तक राज्य के पास जे.बी.टी अभ्यर्थी हैं तब तक बी.एड डिग्री धारकों को नही लिया जाएगा।
यही जे.बी.टी संघ भी अपने राज्य में चाह रहा है कि इसी तरह हिमाचल में प्रदेश सरकार इस तरह का जवाब देने में क्यों राज्य के 25000 जे.बी.टी. प्रशिक्षुओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। एक तरफ़ तो सरकार गुणवत्ता शिक्षा देने की बात करती है वहिं दूसरी तरफ अगर राज्य के प्राथमिक स्कूलों की ओर नजर डालें तो अध्यापको की कमी के कारण कहीं जलवाहक बच्चो को पढा रहें हैं तो कहीं मिड डे मील वर्कर्स। ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है कि किस तरह वो इस देश को आगे ले जाएंगे जब छोटे छोटे ननिहालों की नींव ही अध्यापकों की कमी के कारण कच्ची रह जायेगी व प्रदेश में गुणवत्ता शिक्षा व देश का विश्व गुरु बनने का सपना साकार होना तो दूर बल्कि देश पुनः गुलाम बनने को तैयार होगा।
संघ ने मौजूदा सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब से प्रदेश सरकार ने राज्य में अपना पैर पसारा है तब से कोई भी भर्ती को वो सीधे पैमाने में करवाने में असफल रही है। फिर चाहे वो जेबीटी कमीशन की बात हो, पटवारी भर्ती या फिर पुलिस भर्ती की हो। संघ ने कहा कि जे.बी.टी की रिक्त पदों पर प्रदेश सरकार ने दिसम्बर 2018 को ही आवदेन मांगना शुरू कर दिया था और 12 मई को परीक्षा ली जा चुकी थी। वर्तमान में 2 वर्ष होने को है लेकिन मौजूदा सरकार इस ओर ध्यान ही नही दे रही। और दूसरी तरफ जे.बी.टी का बैच पे बैच बिठाये जा रहें है।
उनका कहना है कि सरकार सिर्फ पैसा इक्कठे करने में लगी है बाकी खाली पड़े स्कूलों से उन्हें कोई मतलब बाकी नहीं है। विकास दिखाने के लिए दोनों ही सरकारों ने हमेशा से ही स्कूल खोलने में ताबड़तोड़ जोर दिया और चुनावी दिनों में इन्ही स्कुलो की गिनती को बता कर लोगों को ठग कर वोट एकत्रित किये हैं, और जब बात आती है शिक्षकों की भर्ती की तब सरकार अपनी आँख कान बन्द कर हजारों शिक्षकों को सड़कों पर ला खड़ा कर देती है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन भी इसी रवैये के कारण हर वर्ष कम होता नजर आ रहा है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पिछले 7 महीनों से उच्च न्यायालय में कोई भी सुनवाई नही हुई है अगर सरकार बाकी केसों में स्वयं पैरवी कर सकती है तो जे.बी.टी में क्यों नही।
इसमे संघ का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द इसमे अपना फैसला हजारों जे.बी.टी बेरोजगारों के हित में ले और शीघ्र अति शीघ्र कोर्ट में अपना जवाब जमा करवाये।
नही तो हजारों की तादाद में बेरोजगार करोना वायरस के चलते इस लोकडाउन को भूल कर सड़को पर आते नजर आएंगे जिसका जिम्मेवार सरकार स्वयं होगी।
अभिषेक ठाकुर-7018700136

अन्य सदस्य- गुलाब ठाकुर, विशाल ठाकुर,पवन, नवीन, ओंकार ठाकुर, पंकज शर्मा, रीता सेन, सोनाली,सुनीता, देशराज,अनूप,खूबराम,रोहित

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