रेड ज़ोन के नियमों की उड़ाई जा रही है धज्जियां ।।
June 18th, 2020 | Post by :- | 5818 Views
  • रैड जोन में आम दिनों की तरह सफर करते रहे लोग
  • कहीं दुकानें खुली तो कहीं वाहन व पैदल चलते रहे कर्मचारी

बददी, 18 जून। राज कश्यप 

बददी व गुल्लरवाला में कोरोना के 19 केस आने के बाद प्रशासन ने बददी में आठ रैड जोन बनाए थे। उस समय यह दलील दी गई थी कि इन रैड जोनों में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा लेकिन गुरुवार को सुबह सुबह मीडीया ने शहर का जो हालात देखा उसमें यह पाया कि कहने तो यह रैड जोन है लेकिन यहां पर पूर्व की तरह चहल पहल जारी थी। दुकानें बंद रखने के आदेश थे लेकिन फिर भी कुछ दुकानें व रेस्टोरेंट खुले रहे। रैड जोन में कोई भी होटल रैस्टोरेंट भी नहीं खुल सकता क्योंकि उसके कर्मचारी कहां से आएंगे जाएंगे।

हालात तो यह भी देखे गए कि एहतियात के तौर पर जिन आवासीय कालोनियों को सील किया गया उनमें से अधिकांश लोग शान से गैर रैड जोन में अपनी दुकानें खोलकर शान से बैठे हैं। बददी विकास मंच के उपाध्यक्ष संजीव कौशल ने कहा कि रैड जोन से आकर गैर रैड जोन में दुकानें खोलने वालों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। नियमों के अनुसार रैड जोन में दवा की दुकानें भी बंद होनी चाहिए क्योंकि जब पैदल चलने पर मनाही है तो लोग वहां कैसे पहुंचेगे।

मकानों के निर्माण का काम शुरु हो चुका है इसलिए जहां से लेबर मिलती है लेबर चौक जो कि बददी का सबसे व्यस्त चौक माना जाता है वहां पर परिंदो के साथ साथ मानव परिंदे बहुत ज्यादा संख्या में तैनात थे और डयूटी जा रहे थे।

इसके अलावा बहुत से स्थानों पर दुकानों के आधे शटर खुले रहे तो वही रैड जोन के अंदर चल कारखाने के चलने की सूचना मिल रही है।प्रतिबंधित एरिया में बनी आवासीय कालोनियों से बहुत से कर्मचारी व अधिकारी बाईक व कारों में बैठकर गैर रैड जोन में बने अपने कारखानों में अपने काम पर बदस्तूर जाते नजर आए।

वहीं इस विषय में एस.पी बददी रोहित मालपानी ने कहा कि इस संबध में कार्यवाही की जा रही है। उन्होने कहा कि नियम तोडने वालों पर विभाग कार्यवाही करता है। सभी को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए क्योंकि ऐसी खतरनाक बीमारी से बचने के लिए सबका सहयोग आवश्यक है।

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