निकाले गए पीटीआई धरने पर बैठे , बीजेपी – जेजेपी सरकार से नाराज
June 17th, 2020 | Post by :- | 51 Views
नूंह मेवात , ( लियाकत अली )  । सुप्रीम फैसले के बाद प्रदेश से हटाए गए 1983 पीटीआई अध्यापक अब अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। नूह जिले से हटाए गए 29 अध्यापक लघु सचिवालय परिसर नूह के समीप अनिश्चितकालीन धरना सोमवार से शुरू कर चुके हैं । आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर नूह दौरे पर आ रहे हैं । अब देखना यह है कि पीटीआई अध्यापकों को कुछ राहत मिल पाती है या नहीं। वैसे पीटीआई अध्यापक बीजेपी – जेजेपी सरकार से खासे नाराज हैं । अशोक कुमार पीटीआई अध्यापक ने कहा कि 2010 में प्रदेश भर में 1983 पीटीआई अध्यापक भर्ती हुए थे , लेकिन गत 8 अप्रैल 2020 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया । उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति में किसी प्रकार की कोई गलती नहीं थी। पीटीआई अध्यापक  हटाए जाने के बाद हाईकोर्ट का सहारा लेने गए , लेकिन सरकार उस मामले पर गंभीर नहीं दिखी ।पीटीआई अध्यापकों का कहना है कि खेलों की स्कूलों में नीँव पीटीआई अध्यापक रखते हैं। इसके अलावा कोविड-19 में मिड डे मील राशन की बात हो , जनगणना की बात हो या फिर ऑनलाइन पढ़ाई की बात हो। हर संभव कोशिश पीटीआई अध्यापकों ने की है । उन्होंने दो टूक कहा की चाहे प्राण त्यागने पड़े , सड़क पर उतरना पड़े , लाठियां उठानी पड़े , जेल जाना पड़े , जान जाने से तो यही बेहतर है । उन्होंने कहा कि 2000 परिवार सड़क पर आ गए हैं । अगर कुछ भी करना पड़ा तो पीटीआई अध्यापक पीछे नहीं हटेंगे। अध्यापकों ने कहा कि मरता तो क्या नहीं करता। अगर सरकार ने उनकी नौकरी बहाली नहीं की , तो आने वाले चुनाव में या उससे पहले भाजपा के सांसद – विधायकों को काला झंडा दिखाया जाएगा ,  उनके पीछे लठ लेकर भागेंगे । कुल मिलाकर जो भी करना पड़ा उससे पीटीआई अध्यापक पीछे नहीं हटेंगे । अध्यापकों ने सरकार से मांग की है उनके परिवारों की तरफ देखते हुए सरकार कोई ना कोई बीच का रास्ता निकाले और उनकी नौकरी को बहाल किया जाए , वर्ना हटाए गए पीटीआई अध्यापक कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। हटाए गए पीटीआई अध्यापक अब आर – पार के मूड में दिखाई पड़ रहे हैं । जिससे बीजेपी – जेजेपी गठबंधन सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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