आखिर राजस्थान में भाजपा को भी करनी पड़ी अपने विधायकों की बाड़ाबंदी:पार्टी को विधायकों के है बिकने का सता रहा है डर
June 17th, 2020 | Post by :- | 89 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने जब गत 10 जून को निर्दलीय और अपने विधायकों को जयपुर की एक होटल में कैद किया तो भाजपा ने कहा था कि उसका कोई विधायक बिकाऊ नहीं है,इसलिए उसे अपने विधायकों की बाड़ाबंदी करने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अब जब राज्यसभा चुनाव में मात्र 2-3 दिन रह गए है। तब भाजपा को भी अपने विधायकों की बाड़ाबंदी करनी पड़ी रही है। भाजपा के विधायक भी जयुपर की एक पांच सितारा होटल में 16 जून से कैद हो गए हैं। 17 जून को विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने होटल में ही विधायकों को वोट डालने का प्रशिक्षण दिया। चार बार के विधायकों को भी यह समझाया गया कि 19 जून को अपने मताधिकार का उपयोग किस प्रकार से करना है। यह बात अलग है कि ऐसे विधायक गत 20 वर्षों में कम से कम तीस बार अपने मताधिकार का उपयोग कर चुके हैं। केन्द्रीय पर्यवेक्षक मुरलीधर राव ने भाजपा विधायको को पार्टी की रीतिनिति के बारे में विस्तार से समझाया। भाजपा का अभ्यास पांच सितारा होटल के वातानुकूलित सभागार में हो रहा है। आरोप न लगे इसलिए भाजपा ने अपनी बाड़ाबंदी को प्रशिक्षण शिविर का नाम दिया है। लेकिन सब जानते हैं कि भाजपा के विधायकों को होटल में क्यों रखा गया है? कांग्रेस खेमे में जो स्थिति डिप्टी सीएम सचिन पायलट की है वही स्थिति भाजपा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की भी है। जिस प्रकार कांग्रेस की बाड़ाबंदी में पायलट टिक नहीं रहे हैं उसी प्रकार भाजपा की बाड़ाबंदी से वसुंधरा राजे दूर हैं। राजे बाड़ाबंदी में कब आएंगी इसकी जानकारी अभी किसी के भी पास नहीं है। अभी यह नहीं कहा जा सकता कि राज्यसभा चुनाव में राजे का क्या रुख रहेगा। लेकिन सब जानते हैं कि वसुंधरा राजे जयपुर में सिविल लाइन क्षेत्र के जिस बंगला नम्बर 13 में ठाटबाट के साथ रह रही है वह बंगला कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मेहरबानी से मिला हुआ है। हाईकोर्ट ने भी कहा है कि किसी नेता को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से सरकारी बंगला नहीं मिल सकता है। जबकि राजे को यह बंगला पूर्व सीएम की हैसियत से ही आवंटित हुआ है।

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